विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

किडनैप, मतांतरण और शादी; पाकिस्तान में हिंदू महिला के साथ बर्बरता, कोर्ट ने सुनाया ये फैसला

Published: Tue, 01 Sep 2026 04:57 PM (IST)

पाकिस्तान की एक अदालत ने 21 वर्षीय हिंदू महिला रीता को उसके माता-पिता के पास लौटने की अनुमति दी, जिसके परिवार ने जबरन धर्मांतरण और शादी का आरोप लगाया था।

पाकिस्तानी कोर्ट ने हिंदू महिला रीता को घर लौटने की इजाजत दी (सांकेतिक तस्वीर)

पाकिस्तानी कोर्ट ने हिंदू महिला रीता को घर लौटने की इजाजत दी (सांकेतिक तस्वीर)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, कराची। पाकिस्तान की एक अदालत ने मंगलवार को 21 साल की हिंदू महिला को उसके माता-पिता के पास लौटने की इजाजत दे दी। न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला ने मजिस्ट्रेट को बताया कि वह अपनी मर्जी से घर लौटना चाहती है।

उसके परिवार ने आरोप लगाया था कि उसका अपहरण कर लिया गया था और उस पर इस्लाम अपनाने और एक मुस्लिम व्यक्ति से शादी करने के लिए दबाव डाला गया था।

सिंध के संघार जिले की खिपरो तहसील की राणा राजपूत कॉलोनी की रहने वाली रीता पिछले हफ्ते अपने घर से लापता हो गई थी। उनके भाई रवि शंकर ने इस बारे में शिकायत दर्ज कराई।

उन्होंने आरोप लगाया कि CCTV फुटेज में कुछ अनजान लोग 24 अगस्त को रीता को घर से कीमती सामान और मोबाइल फोन के साथ ले जाते हुए दिखे।

शिकायत के मुताबिक, रीता को पंजाब के गुजरांवाला ले जाया गया, जो लाहौर से लगभग 80 किलोमीटर दूर है। वहां कथित तौर पर उसपर इस्लाम अपनाने और नजीर हुसैन से शादी करने के लिए दबाव डाला गया, जो पहले से ही शादीशुदा था।

घर लौटना चाहती हूं: रीता

बाद में पंजाब पुलिस ने रीता को बरामद किया और सोमवार को उन्हें ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। पुलिस ने उन्हें सरकारी शेल्टर होम 'दारुल अमान' में रखने की मांग की और दावा किया कि वह अपने माता-पिता के पास नहीं लौटना चाहतीं।

कोर्ट के एक अधिकारी ने बताया कि उनके वकीलों, असद जमाल और खेता राम ने इस मांग का विरोध किया और अदालत को बताया कि रीता अपने भाई के साथ घर लौटना चाहती हैं, जो अदालत में मौजूद था।

इसके बाद मजिस्ट्रेट ने रीता से शपथ लेकर अपना बयान दर्ज करने को कहा। अधिकारी ने बताया, 'अपने बयान में रीता ने कहा कि वह अपनी मर्जी से अपने माता-पिता के घर लौटना चाहती है।'

इसके बाद कोर्ट ने रीता को अपने भाई के साथ जाने की इजाजत दे दी और उसे रीता की सुरक्षा और उसे संघर स्थित परिवार के घर तक सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी।

यह भी पढ़ें- पाकिस्तान में 100 साल पुराना हिंदू मंदिर ध्वस्त, पुनर्निर्माण की मांग तेज