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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Pakistan Politics: 'हम सेना के साथ वार्ता के लिए तैयार', जेल में बंद इमरान खान ने क्यों कहा ऐसा ?

    By Agency Edited By: Sonu Gupta
    Updated: Wed, 31 Jul 2024 06:09 PM (IST)

    इमरान खान ने पाकिस्तानी सेना के साथ बातचीत की पेशकश की है। पूर्व पाक पीएम ने शहबाज सरकार को कठपुतली करार दिया। उन्होंने कहा कि अगर सैन्य नेतृत्व अपना ...और पढ़ें

    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान। फोटोः रायटर।
    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान। फोटोः रायटर।

    HighLights

    1. महमूद खान अचकजई को इनरान खान ने नियुक्त किया अपना प्रतिनिधि
    2. हम सैन्य नेतृत्व के साथ बातचीत करना पसंद करते हैं- इनरान खान

    रायटर, इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) प्रमुख इमरान खान ने पाकिस्तानी सेना के साथ बातचीत की पेशकश की है। उन्होंने सेना पर हमला बोलते हुए कहा कि देश में घोषित मार्शल लॉ लागू किया गया है और उन्हें सत्ता से बाहर रखने के लिए झूठे आरोपों में यह सजा दी गई है।  

    हम सेना के साथ वार्ता के लिए तैयारः इमरान खान

    खान ने अपने एक्स पोस्ट में सेना के साथ वार्ता की पेशकश करते हुए कहा कि वार्ता की शर्तों में से एक यह है कि देश में पारदर्शी चुनाव कराए जाएं और उनके समर्थकों के खिलाफ दायर फर्जी मुकदमों को वापस लिए जाएं। उन्होंने कहा कि अगर सैन्य नेतृत्व अपना प्रतिनिधि नियुक्त करता है तो हम सशर्त वार्ता करने के लिए तैयार हैं।

    इमरान ने अचकजई को बनाया अपना प्रतिनिधि

    उन्होंने अपने करीबी राजनीतिक सहयोगी और सेना के आलोचकों में से एक महमूद खान अचकजई को किसी भी वार्ता में अपना प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया है। वहीं, इससे पहले भी सेना ने इमरान खान के साथ वार्ता की संभावनाओं को खारिज कर दिया था।

    हम सैन्य नेतृत्व के साथ बातचीत करना पसंद करते हैं, जो देश में वास्तविक निर्णयकर्ता हैं। कठपुतली सरकार के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत नहीं की जाएगी।- इमरान खान

    पूर्व पीएम के प्रस्ताव को सेना ने किया खारिज

    वहीं, खाने के प्रस्ताव के जवाब में सेना ने एक वीडियो जारी किया है। सेना ने कहा कि ऐसे किसी भी राजनीतिक विचारधारा, राजनीतिक नेता या राजनीतिक समूह के साथ वार्ता करना असंभव है, जो अपनी ही  सेना पर हमला करने में शामिल है।

    सेना ने आगे कहा कि वह किसी भी सरकारी मामलों में हस्तक्षेप नहीं करती है। मालूम हो कि इमरान खान करीब एक साल से जेल की सजा काट रहे हैं। उन पर भ्रष्टाचार से लेकर सरकारी रहस्यों को लीक करने तक के दर्जनों आरोप हैं।

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