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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में लगी इमरजेंसी, इमरान खान की पार्टी की प्रांतीय सरकार बर्खास्त

Published: Sun, 11 Oct 2026 03:03 PM (IST)

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल की घोषणा कर दी है, जिससे इमरान खान की पार्टी पीटीआई के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार बर्खास्त हो गई।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में लागू हुआ आपातकाल(फोटो: रॉयटर्स)

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में लागू हुआ आपातकाल(फोटो: रॉयटर्स)

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डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने रविवार को देश के प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और बढ़ते आतंकी हमलों का हवाला देते हुए आपातकाल की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार को बर्खास्त कर दिया गया है।

राष्ट्रपति जरदारी ने संविधान के अनुच्छेद 232(1) और 234(1) के तहत यह अधिसूचना जारी की। इसके लागू होते ही मुख्यमंत्री, प्रांतीय मंत्री, सलाहकार, विशेष सहायक और एडवोकेट जनरल को अपने पद तुरंत खाली करने का आदेश दिया गया है।

आदेश के तहत खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा के अधिकार अब पाकिस्तान की संसद या उसके अधीन किसी प्राधिकरण द्वारा चलाए जाएंगे। इसके अलावा केंद्र सरकार राज्यपाल को प्रांत का पूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण संभालने का निर्देश दे सकती है।

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क्या है आपातकाल लागू करने की मुख्य वजहें?

राष्ट्रपति द्वारा जारी घोषणापत्र के अनुसार, प्रांत में संवैधानिक तंत्र पूरी तरह विफल हो चुका था। इसमें कहा गया है कि आतंकी घटनाओं की बढ़ती तीव्रता आम नागरिकों की जान और माल के लिए गंभीर खतरा बन गई है।

सरकारी संपत्तियों, बुनियादी ढांचे और सुरक्षा बलों पर लगातार हमले हो रहे हैं। प्रांतीय सरकार आतंकवाद और अराजकता को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने में विफल रही है।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई संघीय कैबिनेट की विशेष बैठक में इस फैसले पर मुहर लगाई गई। प्रधानमंत्री ने कैबिनेट से कहा कि प्रांतीय सरकार आतंकवाद के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है और अब कड़ा फैसला लेने का वक्त आ गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 10 वर्षों में आतंकवाद से लड़ने के लिए प्रांत को 800 अरब पाकिस्तानी रुपये दिए गए, फिर भी स्थिति नहीं सुधरी।

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इमरान खान के समर्थन में जारी विरोध मार्च

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के नेतृत्व में एक विरोध मार्च निकाला जा रहा था। यह मार्च 4 अक्टूबर को लक्की मरवत से शुरू हुआ था और इसका उद्देश्य इमरान खान की रिहाई और उनके लिए बेहतर इलाज की मांग करना था।

पीटीआई की योजना इस मार्च को इस्लामाबाद ले जाकर धरना देने की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों को राजधानी में प्रवेश करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

इमरान खान की पार्टी मांग कर रही है कि इमरान खान से तुरंत मिलने दिया जाए, उनके निजी डॉक्टरों को उन तक पहुंच मिले, उनकी पत्नी बुशरा बीबी की मेडिकल जांच कराई जाए और विरोध प्रदर्शन से पहले गिरफ्तार की गईं उनकी बहनों व समर्थकों को रिहा किया जाए।

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं और भ्रष्टाचार समेत 100 से अधिक मामलों का सामना कर रहे हैं।

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