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    पुतिन के 'आखिरी विकल्प' के डर के बीच 5 लाख लड़ाकों को जुटाने की तैयारी में रूस, जेलेंस्की का दावा

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 07:59 PM (IST)

    यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दावा किया है कि पुतिन 5 लाख नए सैनिक जुटाकर युद्ध तेज करने की तैयारी में हैं, जिसकी योजना सितंबर के चुनावों के बाद ...और पढ़ें

    जेलेंस्की ने पुतिन को लेकर किया दावा। (रॉयटर्स)

    जेलेंस्की ने पुतिन को लेकर किया दावा। (रॉयटर्स)

    HighLights

    1. जेलेंस्की का दावा, पुतिन 5 लाख नए सैनिक जुटा रहे हैं।

    2. सितंबर के संसदीय चुनावों के बाद लामबंदी की योजना है।

    3. तुर्किए ने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की चेतावनी दी।

    डिजिटल डेस्क, कीव। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन कुछ ही हफ्तों में 5 लाख नए लड़कों को जुटाकर युद्ध को और तेज करने की तैयारी कर रहे हैं।

    यूक्रेनी खुफिया जानकारी का हवाला देते हुए, जेलेंस्की ने कहा कि पुतिन सितंबर के आखिर में रूस के संसदीय चुनावों के बाद इस लामबंदी की योजना बना रहे हैं

    पुतिन इस युद्ध को रोकने के लिए तैयार नहीं- जेलेंस्की

    जेलेंस्की ने पिछले महीने स्काई न्यूज के साथ एक इंटरव्यू के बाद एक्स पर पोस्ट लिखा, 'पुतिन इस युद्ध को रोकने के लिए तैयार नहीं हैं। हमारी खुफिया रिपोर्ट बताती है कि वह लामबंदी की तैयारी कर रहे हैं। वह 21 सितंबर को ड्यूमा के चुनावों के बाद ऐसा करना चाहते हैं।'

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    उन्होंने लिखा कि पुतिन नए लड़ाकों को खुलेआम नहीं जुटाएंगे क्योंकि उन्हें अपने समाज से डर है। यूक्रेनी नेता ने यह भी लिखा कि रूस बड़ी संख्या में लोगों को जल्दी ट्रेनिंग नहीं दे पाएगा और युद्ध के मैदान में खराब ट्रेनिंग वाले लोग होंगे। जिसका मतलब होगा भारी नुकसान।

    पुतिन अपने आखिरी विकल्प का कर सकते हैं इस्तेमाल- हकन फिदान

    इस बीच, जैसे-जैसे यूक्रेन रूसी इलाके में अंदर कर हमले कर रहा है, तुर्किए के विदेश मंत्री हकन फिदान ने चेतावनी दी है कि युद्ध पुतिन को ऐसे मोड़ पर धकेल सकता है जहां वह अपने आखिरी विकल्प यानी परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करें।

    रूस की परमाणु क्षमताओं का जिक्र करते हुए फिदान ने अनादोलु के 'एडिटर डेस्क' में कहा कि जब मोर्चे पर चल रही घिसाई वाली लड़ाई पीछे के इलाकों तक पहुंच जाती है, तो सवाल यह नहीं रह जाता है कि युद्ध हारेंगे या नहीं, बल्कि यह सवाल होता है कि क्या एक राष्ट्र के तौर पर आपका अस्तित्व बना रहेगा। तब आप अपने पास मौजूद आखिरी रास्ते को अपनाते हैं।

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    फिदान ने कहा कि यह एक खतरनाक स्थिति है और इस मुद्दे पर पश्चिमी सहयोगियों के साथ चर्चा की गई है।

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