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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UK Helps Afghanistan: ब्रिटेन ने अफगानिस्तान को 28 मिलियन डालर की सहायता भेजा, सर्दी से पहले बड़ी राहत

By AgencyEdited By: Devshanker Chovdhary
Updated: Sat, 05 Nov 2022 07:20 AM (IST)

ब्रिटेन ने अफगानिस्तान की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था के बीच सर्दियों से पहले करीब 28 मिलियन अमेरिकी डालर का आपातकालीन कोष सहायता प्रदान किया है। तालिबान के उप अर्थव्यवस्था मंत्री ने इस मानवीय सहायता का स्वागत किया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अफगानिस्तान को सहायता बढ़ाने के लिए कहा।

ब्रिटेन ने अफगानिस्तान को 28 मिलियन डालर की सहायता भेजा।
ब्रिटेन ने अफगानिस्तान को 28 मिलियन डालर की सहायता भेजा।

काबुल, एएनआइ। ब्रिटेन ने अफगानिस्तान की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था के बीच सर्दियों से पहले करीब 28 मिलियन अमेरिकी डालर का आपातकालीन कोष सहायता प्रदान किया है। टोलो न्यूज ने UNWFP का हवाला देते हुए कहा, "संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैंड की सरकार से करीब 28.8 मिलियन अमेरिकी के योगदान का स्वागत करता है। यह धन 15 मिलियन अफगानिस्तानियों के लिए WFP के आपातकालीन कार्यों में लगाया जाएगा, जिसे इस सर्दी में खाद्य असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है।'

अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था बिगड़ी

बता दें कि अफगानिस्तान से विदेशी सेना के जाने के एक साल से अधिक समय बाद देश की अर्थव्यवस्था कमजोर हो गई है। अफगानिस्तान में तालिबान शासन में आर्थिक स्थिती कमजोर होने के साथ-साथ विकास सहायता और संपत्ति पर भी असर पड़ा है। अफगानिस्तान में अर्थव्यवस्था की मार की वजह से देश को 20 वर्षों में अकाल के सबसे गंभीर जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच, अर्थशास्त्रियों का मानना ​​​​है कि मानवीय सहायता देश के नागरिकों के लिए अल्पावधि में उपयोगी है, लेकिन इससे देश में गरीबी कम नहीं हुई है।

अर्थशास्त्रियों का मानना सहायता से नहीं सुधरेगी स्थिति

अर्थशास्त्री अब्दुल नसीर ने कहा, 'मानवीय सहायता कुछ भी मदद नहीं करती है, क्योंकि इसका उपभोग किया जाता है।' उन्होंने कहा कि यह देश में गरीबी को नहीं रोक सकता है। अर्थशास्त्री शकर याकोबी ने कहा कि अब तक प्रदान की गई सहायता गंभीर निगरानी और नियंत्रण की कमी का शिकार रही है और देश की स्थिति को सुधारने में कोई भूमिका नहीं निभा पाई है। उन्होंने कहा कि हम इस संकट को रोकने की उम्मीद नहीं कर सकते है।

तालिबान ने मानवीय सहायता का किया स्वागत

तालिबान के उप अर्थव्यवस्था मंत्री ने इस मानवीय सहायता का स्वागत किया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अफगानिस्तान को सहायता बढ़ाने के लिए कहा। तालिबान के मंत्री अब्दुल लतीफ नजरी ने कहा, 'मानवीय सहायता से विकास और विकास सहायता की दिशा बदलनी चाहिए ताकि रोजगार सृजन और गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में गंभीर कदम उठाए जा सकें।' इससे पहले, विश्व बैंक के नए अफगानिस्तान डेवलपमेंट अपडेट के अनुसार, 2021 में देश की अर्थव्यवस्था में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट आई थी।

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