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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कंबोडिया से संघर्ष के बीच थाईलैंड के 8 जिलों में मार्शल लॉ का एलान, UNSC ने बुलाई आपात बैठक

Published: Fri, 25 Jul 2025 07:23 PM (IST)

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद गहराता जा रहा है। थाईलैंड के कार्यवाहक प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी है कि ...और पढ़ें

कंबोडिया की सीमा से लगे 8 जिलों में मार्शल लॉ घोषित (फोटो: जागरण)
कंबोडिया की सीमा से लगे 8 जिलों में मार्शल लॉ घोषित (फोटो: जागरण)

HighLights

  1. 800 किलोमीटर की बॉर्डर शेयरिंग
  2. दशकों पुराना है सीमा विवाद
  3. यूएन कोर्ट ने 2013 में किया था निपटारा

एएफपी, बैंकॉक। थाईलैंड और कंबोडिया के बीच जारी संघर्ष में स्थिति किस घातक मोड़ पर पहुंच चुकी है, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि थाईलैंड के कार्यवाहक प्रधानमंत्री फुमथम वेचायाचाई ने कह दिया है कि संघर्ष जल्द ही युद्ध में बदल सकता है।

वहीं शुक्रवार को थाईलैंड ने कंबोडिया की सीमा से लगे 8 जिलों में मार्शल लॉ घोषित किया गया है। थाईलैंड के एक आर्मी कमांडर ने कहा है कि कंबोडिया द्वारा बल प्रयोग कर थाई क्षेत्र में घुसने की कोशिश की जा रही है। बता दें कि यूएन की सिक्योरिटी काउंसिल में इस संघर्ष पर एक इमरजेंसी मीटिंग भी होनी है।

थाईलैंड ने बॉर्डर इलाका खाली कराया

कंबोडिया और थाईलैंड के बीच लंबे समय से चला आ रहा सीमा विवाद गुरुवार को हिंसक संघर्ष में बदल गया। कंबोडिया की तरफ से शुक्रवार को कई गोले दागे गए, जिसमें एक व्यक्ति की मौत की खबर है। वहीं 5 अन्य घायल हो गए। थाईलैंड ने बॉर्डर इलाकों में रहने वाले 1.38 लाख लोगों को निकाल लिया है।

थाईलैंड ने कहा है कि वह समझौते की तरफ बढ़ना चाहते हैं, लेकिन अगर स्थिति बिगड़ती है, युद्ध के हालात बन सकते हैं। थाईलैंड के कार्यवाहक पीएम ने कहा कि हमने थाई सेना को जरूरत के अनुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। थाईलैंड ने मलेशिया की मदद से बातचीत की पेशकश की है, लेकिन कंबोडिया की तरफ से अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

दरअसल दोनों देश करीब 800 किलोमीटर का बॉर्डर शेयर करते हैं। इसमें कई किलोमीटर का इलाका विवादित है। 2008 से लेकर 2011 तक चले संघर्ष में दोनों देशों को काफी नुकसान पहुंचा था। बाद में 2013 में यूएन कोर्ट ने इस विवाद का निपटारा कर दिया था, लेकिन मई में फिर से संघर्ष शुरू हो गया।

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