खुद जूते पॉलिश करना, घर में नो मोबाइल रूल... सख्त अनुशासन रखती हैं ऑस्ट्रेलिया की पहली महिला आर्मी चीफ
सुसॉन कॉयल ऑस्ट्रेलिया की पहली महिला सेना प्रमुख बनी हैं। उनका जीवन अनुशासन, मेहनत और मजबूत नेतृत्व का प्रतीक है। वे अपने जूते खुद पॉलिश करती हैं, घर पर मोबाइल से दूर रहती हैं और बड़े फैसलों के लिए 24 घंटे का 'कूलिंग पीरियड' रखती हैं।
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सख्त अनुशासन की मिसाल हैं ऑस्ट्रेलिया की पहली महिला आर्मी चीफ सुसॉन कॉयल (फाइल फोटो)

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के 125 साल के इतिहास में पहली महिला सेना प्रमुख बनने वाली सुसॉन कॉयल की कहानी सिर्फ सफलता की नहीं, बल्कि अनुशासन, मेहनत और मजबूत नेतृत्व की मिसाल है। उनकी जिंदगी के छोटे-छोटे नियम और बड़े फैसले उन्हें बाकी से अलग बनाते हैं।
सुसॉन कॉयल का जीवन बेहद अनुशासित है। वे आज भी अपने जूते खुद पॉलिश करती हैं, ताकि उन्हें अनुशासन की याद बनी रहे। घर पर परिवार के साथ रहने के दौरान वे मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करतीं और किसी भी बड़े फैसले को गुस्से या बहुत ज्यादा खुशी में लेने से बचती हैं।
वे बताती हैं कि ऐसे समय में वे 24 घंटे का 'कूलिंग पीरियड' रखती हैं, ताकि सोच-समझकर सही निर्णय लिया जा सके। खाली समय में उन्हें किताबें पढ़ना, म्यूजिकल थिएटर देखना और हेडफोन पर हिस्ट्री ऑडियोबुक सुनना पसंद है।
सेना में बनाया खास मुकाम
सुसॉन कॉयल का जन्म 21 मई 1970 को ऑस्ट्रेलिया के क्योगल में हुआ था। उनके पिता इंजीनियर थे और परिवार को अक्सर अलग-अलग जगहों पर रहना पड़ता था, जिससे उनमें घुमक्कड़ी और मजबूत स्वभाव विकसित हुआ।
उन्होंने 1987 में सिर्फ 17 साल की उम्र में आर्मी रिजर्व जॉइन की। उस समय सेना में महिलाओं की संख्या बहुत कम थी। अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर उन्होंने धीरे-धीरे ऊंचे पद हासिल किए। 2020 में वे मिडिल ईस्ट में जॉइंट टास्क फोर्स 633 की पहली महिला कमांडर बनीं और अब ऑस्ट्रेलिया की सेना प्रमुख बनकर इतिहास रच दिया है।
चुनौतीपूर्ण मिशन का किया नेतृत्व
अफगानिस्तान में 'ऑपरेशन हाईरोड' के दौरान सुसॉन कॉयल ने टास्क ग्रुप अफगानिस्तान का नेतृत्व किया। इस मिशन का उद्देश्य अफगान सुरक्षा बलों को ट्रेनिंग देना था, लेकिन वहां हमेशा हमले का खतरा बना रहता था।
कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपनी लीडरशिप से खुद को साबित किया। उनके नेतृत्व में 1500 से ज्यादा सैनिकों ने काम किया और मिशन को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया गया। उनका कहना है कि अगर आप कुछ बनना चाहते हैं, तो पहले उसका सपना देखना जरूरी है, तभी उसे हासिल किया जा सकता है।
परिवार, पढ़ाई और उपलब्धियां
- सुसॉन कॉयल के पति मार्क भी ऑस्ट्रेलियाई सेना में अधिकारी हैं और उनके तीन बच्चे हैं। लंबे मिशनों के दौरान उनके पति ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली।
- उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स से पढ़ाई की है और तीन मास्टर डिग्री हासिल की हैं। इसके अलावा उन्हें 'मेंबर ऑफ द ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया' सम्मान भी मिल चुका है।
- 36 साल की नौकरी में उन्हें 28 बार घर बदलना पड़ा, लेकिन उन्होंने हर चुनौती का डटकर सामना किया और आज एक प्रेरणादायक शख्सियत बन चुकी हैं।

