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लूला बनाम फ्लेवियो बोल्सोनारो: राष्ट्रपति चुनाव के लिए ब्राजील में कांटे की टक्कर, कौन से हैं वो 5 अहम मुद्दे

Published: Mon, 26 Oct 2026 05:00 AM (IST)

ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा और फ्लेवियो बोल्सोनारो के बीच कांटे की टक्कर है।

ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के लिए कांटे की टक्कर। (फाइल फोटो।)

ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के लिए कांटे की टक्कर। (फाइल फोटो।)

डिजिटल डेस्क, ब्रासीलिया। ब्राजील के मतदाता राष्ट्रपति चुनाव में दूसरे दौर के लिए वोट डाला। यह मुकाबला मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा और दक्षिणपंथी सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो के बीच है, जो पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के सबसे बड़े बेटे हैं।

चुनाव सर्वेक्षणों में कांटे की टक्कर के संकेत मिल रहे हैं। चुनाव के नतीजे लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की दिशा और अमेरिका के साथ उसके संबंधों को तय करेंगे। इस चुनाव में एक तरफ अनुभवी वामपंथी नेता लूला हैं जो एक और कार्यकाल पाना चाहते हैं तो दूसरी तरफ बोल्सोनारो हैं, जिन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के साथ करीबी संबंध बनाए हैं और ब्राजील की आर्थिक और विदेश नीतियों में बदलाव का वादा किया है।

पहले दौर के मतदान में बोल्सोनारो आगे

इस महीने की शुरुआत में हुए पहले दौर के मतदान में फ्लेवियो बोल्सोनारो को लूला के मुकाबले 22 लाख (2.2 मिलियन) से ज्यादा वोट मिले। हालांकि, मतदान प्रतिशत और अन्य उम्मीदवारों को समर्थन देने वाले मतदाताओं का रुख निर्णायक साबित हो सकता है।

चुनाव प्रचार मुख्य रूप से बढ़ती महंगाई, अपराध, भ्रष्टाचार और सरकारी वित्त (पब्लिक फाइनेंस) पर बढ़ते दबाव के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा है। 2025 में ब्राजीलियाई सामानों पर वॉशिंगटन द्वारा टैरिफ लगाए जाने के बाद विदेश नीति भी एक अहम मुद्दा बनकर उभरी है।

कौन से हैं अहम मुद्दे

इस चुनाव में महंगाई, अपराध और भ्रष्टाचार मुख्य मुद्दे हैं। आर्थिक दबाव लूला के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया हैं, क्योंकि महंगाई दर सेंट्रल बैंक के 3% के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। अगस्त में हुए क्वेस्ट पोल में दो-तिहाई से अधिक लोगों ने कहा कि पिछले साल की तुलना में उनकी क्रय शक्ति (खरीदने की क्षमता) कम हो गई है।

लूला ने महंगाई को नियंत्रित करने और धीरे-धीरे कर्ज लेने की लागत को कम करने का वादा किया है, जबकि बोल्सोनारो ने ब्याज दरों को नीचे लाने के लिए सार्वजनिक कर्ज को स्थिर करने का प्रस्ताव दिया है।

सार्वजनिक वित्त एक और बड़ी चिंता का विषय है। लूला के मौजूदा कार्यकाल के दौरान ब्राजील का सार्वजनिक ऋण सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 82.9 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जबकि उच्च ब्याज दरों ने परिवारों और व्यवसायों पर वित्तीय बोझ बढ़ा दिया है।

बोल्सोनारो ने 18 महीनों के भीतर जीडीपी के 1.5% के बराबर प्राथमिक राजकोषीय संतुलन में सुधार करने का वादा किया है। वहीं, लूला ने 2030 तक जीडीपी के लगभग 1.3 प्रतिशत के प्रभावी प्राथमिक अधिशेष का लक्ष्य रखा है।

अपराध और भ्रष्टाचार भी प्रमुख मुद्दे रहे हैं। बोल्सोनारो ने गंभीर यौन अपराधों के लिए अधिकतम सुरक्षा वाली जेलें बनाने और केमिकल कैस्ट्रेशन (रासायनिक तरीके से नपुंसक बनाने) का वादा किया है। तो लूला ने संगठित अपराध को सीमित करने के लिए गरीब समुदायों में निवेश करने के साथ-साथ गिरोह के सरगनाओं को रखने के लिए संघीय जेलों की क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।

दोनों उम्मीदवारों को अपने करीबी लोगों से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण जांच का सामना करना पड़ रहा है। बोलसोनारो पर भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी के आरोपों की जांच चल रही है। ये आरोप पूर्व बैंकर डैनियल वोर्कारो से मिली उस रकम से जुड़े हैं, जिसका इस्तेमाल बोलसोनारो के पिता पर एक फिल्म बनाने के लिए किया जाना था।

उन्होंने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है। लूला के बेटे के खिलाफ भी प्रभाव का गलत इस्तेमाल करने, भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामलों में जांच चल रही है और उन्होंने भी इन आरोपों को खारिज किया है।

ट्रंप के साथ संबंध और ब्राजील की वैश्विक दिशा, विदेश नीति एक बड़ा विभाजन बिंदु बन गई है। बोल्सोनारो अमेरिका, अर्जेंटीना और इजरायल के साथ संबंधों को मजबूत करना चाहते हैं। उनका तर्क है कि इन देशों के साथ संबंध खराब हो गए हैं।

उन्होंने वाशिंगटन के साथ आर्थिक सहयोग को और गहरा करने के अवसरों पर भी जोर दिया है, जिसमें रेयर अर्थ मिनरल्स (दुर्लभ खनिज) का क्षेत्र भी शामिल है। इसके विपरीत लूला ने बहुपक्षवाद की वकालत की है और मर्कोसुर गुट तथा ब्रिक्स देशों के साथ संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया है।

उन्होंने ट्रंप के व्यापारिक कदमों की आलोचना की है और ब्राजील के मामलों में अमेरिका के दखल को लेकर चिंता जताई है। यह परिणाम ब्राजील के लिए एक बड़ा वैचारिक बदलाव ला सकता है।

जहां बोल्सोनारो ने अपने पिता के लिए माफी का वादा किया है, जो तख्तापलट की कोशिश के आरोप में दोषी ठहराए जाने के बाद से नजरबंद हैं। वहीं लूला ने अपने प्रतिद्वंद्वी के राजनीतिक खेमे को लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए खतरा बताया है।

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