यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Gaza War: गाजा में युद्धविराम का प्रस्ताव UN में बहुमत से पारित, मतदान से दूर रहा भारत
गाजा में तत्काल बिना शर्त और स्थायी युद्धविराम की मांग करने वाले प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में मतदान ...और पढ़ें

पीटीआई, संयुक्त राष्ट्र। गाजा में तत्काल, बिना शर्त और स्थायी युद्धविराम की मांग करने वाले प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में मतदान से भारत ने परहेज किया है। 193 सदस्यीय यूएन महासभा ने स्पेन द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव को बहुमत से पारित किया गया है।
प्रस्ताव के पक्ष में 149 मत मिले
प्रस्ताव के पक्ष में 149 मत मिले। इसमें सभी पक्षों से तत्काल, बिना शर्त और स्थायी युद्धविराम का सम्मान करने की मांग की गई। प्रस्ताव में हमास द्वारा बंधक बनाए गए सभी व्यक्तियों की तत्काल, गरिमापूर्ण और बिना शर्त रिहाई की मांग भी की गई है।
भारत उन 19 देशों में शामिल था जो मतदान से दूर रहे। 12 देशों ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि भारत गहराते मानवीय संकट से चिंतित है और नागरिकों की जान के नुकसान की निंदा करता है।
भारत ने पहले भी इजरायल-फलस्तीन मुद्दे पर मतदान से परहेज किया है
उन्होंने कहा कि भारत ने पहले भी इजरायल-फलस्तीन मुद्दे पर मतदान से परहेज किया है। उन्होंने भारत के रुख को फिर दोहराया कि संवाद और कूटनीति के अलावा संघर्षों को हल करने का कोई अन्य तरीका नहीं है। दोनों पक्षों को निकट लाने की दिशा में संयुक्त प्रयास होना चाहिए।
