होर्मुज के बाद विश्व के दूसरे प्रमुख समुद्री मार्ग पर ईरान का बढ़ा दबाव, हूती विद्रोहियों ने यमन के मोखा बंदरगाह पर किया कब्जा
यमन के मोखा बंदरगाह पर हूती विद्रोहियों के कब्जे के दावे के बाद लाल सागर का महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग गहरे संकट में आ गया है।

लाल सागर पर गहराया संकट (फाइल फोटो- रॉयटर्स)
HighLights
हूती विद्रोहियों ने यमन के मोखा बंदरगाह पर कब्जे का दावा किया।
लाल सागर का बाब अल-मंडेब जलमार्ग वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण।
पेरिम द्वीप पर नियंत्रण से अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग बाधित होने का खतरा।
अदन, रॉयटर । यमन में बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट के नजदीक के पेरिम द्वीप पर ईरान समर्थित हूती लड़ाकों का कब्जा हो गया है। अब हूती लड़ाके चंद नाटिकल मील की दूरी पर स्थित विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल बाब-अल-मंदेब के आवागमन को कभी भी बाधित करने की स्थिति में आ गए हैं।
पेरिम द्वीप पर हूती का कब्जा सऊदी अरब के लिए बड़ा झटका है जबकि ईरान ने इसके लिए हूती की तारीफ की है। लाल सागर से गुजरने पर लगी रोक के चलते विश्व के सबसे बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरब की आपूर्ति घटकर बीते 30 वर्षों में सबसे निचले स्तर पर आ गई है।
जबकि अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध में ईरान का पलड़ा थोड़ा भारी हो गया है।
अमेरिका से युद्ध के बीच तेल व गैस आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का आवागमन बाधित करने के बाद ईरान ने चेतावनी दी थी कि वह एक अन्य सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग बाब-अल-मंदेब से भी आवागमन बाधित कर सकता है।
ईरान अब उस स्थिति के करीब पहुंच चुका है। उसके द्वारा समर्थित शिया संगठन हूती के लड़ाकों ने यमन की सरकारी सेना से बीते दो दिनों में लाल सागर के कई अहम रणनीतिक द्वीप छीन लिए हैं। इसी के साथ तटवर्ती शहर धुबाब पर भी हूती का कब्जा हो गया है।
इससे पहले गुरुवार को हूती ने महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर मोचा पर कब्जा किया था। अगर होर्मुज स्ट्रेट और बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट, दोनों समुद्री मार्ग बाधित होते हैं तो विश्व में तेल आपूर्ति की स्थिति बिगड़ सकती है और उथल-पुथल मच सकती है।
अरामको की पाइपलाइन हुई क्षतिग्रस्त
सऊदी अरब समर्थित सुरक्षा बलों के साथ छिड़ी हूती की लड़ाई में सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट आयल पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने के संकेत हैं। उसके ऊपर घना काला धुआं उठता देखा जा रहा है।
इस पाइपलाइन से आपूर्ति होने वाला तेल होर्मुज स्ट्रेट के जरिये निर्यात होता है। विश्व की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको इस पाइपलाइन से अपने तेल का निर्यात करती है। अरामको ने इस पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने पर पूछे गए सवाल का जवाब नहीं दिया है।
सऊदी अरब का तेल निर्यात 30 वर्षों में सबसे कम हुआ
अगस्त के अंतिम दिनों में सऊदी अरब के साथ टकराव की स्थिति पैदा होने के बाद हूती ने लाल सागर को सऊदी अरब के जहाजों के लिए बंद कर दिया था। इससे होर्मुज स्ट्रेट में आवागमन की मुश्किल झेल रहे सऊदी अरब के लिए अब तेल निर्यात में रुकावट और बढ़ गई है।
इसका असर उसके तेल व्यापार पर पड़ रहा है। ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते सऊदी अरब का तेल निर्यात 60 लाख बैरल प्रतिदिन से घटकर 23 लाख बैरल प्रतिदिन पर आ गया है।
