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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

युद्धों की कीमत चुका रहीं महिलाओं, यौन हिंसा के मामले 25 फीसदी तक बढ़े; पहली बार इजरायल और रूस की तरफ इशारा

By Agency Edited By: Jeet Kumar
Published: Sat, 16 Aug 2025 06:20 AM (IST)Updated: Sat, 16 Aug 2025 07:12 AM (IST)

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा मामले अफ्रीकी गणराज्य कांगो हैती सोमालिया और दक्षिण सूडान में सामने आए। ...और पढ़ें

युद्धों में महिलाओं हो रही हैं यौन हिंसा का शिकार (फोटो- रॉयटर)
युद्धों में महिलाओं हो रही हैं यौन हिंसा का शिकार (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. यूएन की रिपोर्ट में साल भर में यौन बर्बरता के 4600 मामले, 63 संगठनों को काली सूची में डाला
  2. पहली बार इजरायल और रूस की तरफ इशारा, यूएन ने दी चेतावनी
  3. यूएन की चेतावनी न सुधरे तो अगले साल की काली सूची में शामिल किए जा सकते हैं दोनों देश
  4. एक वर्ष से लेकर 75 साल तक की महिलाओं पर बढ़े हैं यौन हिंसा के मामले

 एपी, संयुक्त राष्ट्र। दुनियाभर में चल रहे युद्धों और संघर्षों की कीमत महिलाओं और लड़कियों को चुकानी पड़ रही है। एक साल से लेकर 75 साल तक की महिलाओं के साथ होने वाली यौन हिंसा के मामले 25 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं।

यूएन ने पहली बार रूस और इजरायल को चेतावनी दी

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा मामले अफ्रीकी गणराज्य, कांगो, हैती, सोमालिया और दक्षिण सूडान में सामने आए। यूएन ने पहली बार रूस और इजरायल को चेतावनी देते हुए यौन हिंसा के मामलों पर नियंत्रण लगाने की सलाह दी है।

63 संगठनों को काली सूची में डाला

महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की तरफ से जारी वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 में 4,600 से ज्यादा लोग यौन हिंसा के शिकार हुए।

रिपोर्ट की काली सूची में एक दर्जन देशों के 63 सरकारी और गैर-सरकारी पार्टियों के नाम हैं, जिन पर संघर्ष के दौरान दुष्कर्म और अन्य प्रकार की यौन हिंसा के लिए जिम्मेदार होने या इसके लिए जिम्मेदार होने का संदेह है। इनमें हमास के आतंकवादी भी शामिल हैं।

यौन हिंसा को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि सूचीबद्ध पार्टियों में से 70 प्रतिशत से अधिक पिछले पांच साल से काली सूची में बने हुए हैं, यानी इनकी तरफ से यौन हिंसा को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।

इजरायल और रूस को चेतावनी पहली बार रिपोर्ट में इजरायल और रूस को भी यौन हिंसा के लिए जिम्मेदार बताया है।

इजरायल की सेना पर यूएन ने लगाए आरोप

यूएन ने चेताया है कि इन दोनों देशों को अगले वर्ष की काली सूची में डाला जा सकता है। यूएन के मुताबिक इजरायल की सेना और सुरक्षा बल पर मुख्य रूप से जेलों और हिरासत में कैद फलस्तीनियों के यौन शोषण के आरोप हैं। वहीं रूसी सेना और संबद्ध सशस्त्र समूह पर यूक्रेनी युद्धबंदियों के खिलाफ यौन अत्याचार के आरोप हैं। हालांकि इजरायल ने यूएन के आरोपों पर कहा कि ये पक्षपात से भरे हुए हैं, वहीं रूस ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।

पुरुष भी प्रताड़ित

रिपोर्ट में कहा गया है कि पुरुषों और लड़कों के खिलाफ भी यौन ¨हसा के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इनमें दुष्कर्म, दुष्कर्म की धमकी, बिजली का झटका देना और जननांगों पर प्रहार करना शामिल है।