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गाजा में मरने वालों की संख्या 70 हजार के पार, हमास के हर ठिकाने को तबाह कर रही इजरायली सेना

Published: Sun, 30 Nov 2025 05:41 AM (IST)Updated: Sun, 30 Nov 2025 06:52 AM (IST)

गाजा में युद्धविराम के बावजूद फलस्तीनियों को मारे जाने का सिलसिला रुक नहीं रहा है। शनिवार को इजरायली सेना की ...और पढ़ें

गाजा में मरने वालों की संख्या 70 हजार के पार (फोटो- रॉयटर)

गाजा में मरने वालों की संख्या 70 हजार के पार (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. 2023 को हमास के हमले के बाद इजरायल ने गाजा पर हमला शुरू किया था

  2. हमास ने अचानक किया था हमला, 1200 इजरायली नागरिक मारे गए थे

एपी, यरुशलम। गाजा में युद्धविराम के बावजूद फलस्तीनियों को मारे जाने का सिलसिला रुक नहीं रहा है। शनिवार को इजरायली सेना की कार्रवाई में रफाह के भूमिगत ठिकाने में नौ हमास लड़ाके मारे गए।

एक अन्य स्थान पर हुई फायरिंग में दो बच्चे मारे गए जबकि कई शव बमबारी से ध्वस्त हुए भवनों के मलबे से मिले हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि युद्ध में मरने वालों की संख्या बढ़कर 70,100 हो गई है।

मंत्रालय ने कहा कि 10 अक्टूबर को युद्ध विराम लागू होने के बाद से इजरायली गोलीबारी में 354 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। मंत्रालय ने बताया कि पिछले 48 घंटों में गाजा पट्टी के अस्पतालों में दो शव पहुंचे हैं, जिनमें से एक को मलबे के नीचे से बरामद कर लिया गया है।

युद्ध विराम के बावजूद, फलस्तीनी क्षेत्र गहरे मानवीय संकट में है। गाजा युद्ध की शुरुआत 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजरायल पर किये गए हमले से हुई थी, जिसके परिणामस्वरूप 1,221 लोग मारे गये थे। उस दिन हमास आतंकियों ने गाजा में 251 लोगों का अपहरण कर लिया।

हमास ने अब तक सभी जीवित बंधकों को रिहा कर दिया है तथा 26 मृत बंधकों के अवशेष लौटा दिए हैं। बदले में, इजराइल ने अपनी हिरासत में बंद लगभग 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा कर दिया है तथा सैकड़ों मृत फिलिस्तीनियों के शव लौटा दिए हैं।

इजरायली शहरों पर सात अक्टूबर, 2023 को हमास के हमले के बाद इजरायल ने गाजा पर हमला शुरू किया था। हमास के हमले में 1,200 इजरायली नागरिक मारे गए थे जबकि 252 को अगवा कर बंधक बना लिया था।

 

इन बंधकों को जीवित या उनके शव इजरायल को वापस कर दिए गए हैं। लंबी लड़ाई के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना पर गाजा में इसी वर्ष 10 अक्टूबर को युद्धविराम लागू हुआ है। मलबे से शवों की तलाश का काम जारी है।