Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बंद है होर्मुज, तेल-गैस की सप्लाई पर हो रहा बड़ा असर... कौन-कौन से हैं वैकल्पिक रास्ते?

    Updated: Thu, 23 Apr 2026 03:56 PM (IST)

    अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल-गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने अब तक का सबसे बड़ा संकट बत ...और पढ़ें

    होर्मुज संकट के बीच तेल-गैस की नई राहें मिडिल ईस्ट के सामने सीमित विकल्प (AI द्वारा जनरेटेड फोटो)

    होर्मुज संकट के बीच तेल-गैस की नई राहें मिडिल ईस्ट के सामने सीमित विकल्प (AI द्वारा जनरेटेड फोटो)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच हुए युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। यह दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग माना जाता है। इस स्थिति ने मिडिल ईस्ट के देशों के सामने तेल-गैस निर्यात के सीमित विकल्पों को उजागर कर दिया है।

    hormuz

    अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने इसे अब तक का सबसे बड़ा सप्लाई संकट बताया है, जो 1970 के दशक के तेल संकट और यूक्रेन युद्ध के बाद रूस की गैस सप्लाई रुकने से भी बड़ा है। ऐसे में कई देश होर्मुज को बायपास करने के लिए पुराने और नए रास्तों पर निर्भर हो रहे हैं।

    मौजूदा पाइपलाइन विकल्प

    सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन करीब 1200 किलोमीटर लंबी है, जो रोजाना लगभग 70 लाख बैरल तेल ले जा सकती है। हालांकि, फिलहाल इससे करीब 45 लाख बैरल तेल का निर्यात हो पा रहा है। यह तेल यनबू बंदरगाह तक जाता है, जहां से यूरोप और एशिया भेजा जाता है।

    hormuzz

    संयुक्त अरब अमीरात की हबशान-फुजैराह पाइपलाइन 360 किलोमीटर लंबी है और इसकी क्षमता 15 से 18 लाख बैरल प्रतिदिन है। यह होर्मुज के बाहर स्थित फुजैराह बंदरगाह तक तेल पहुंचाती है, लेकिन हाल में ड्रोन हमलों से यहां भी सप्लाई प्रभावित हुई है।

    खबरें और भी

    इराक-तुर्की की किर्कुक-जेहान पाइपलाइन भी एक अहम मार्ग है, जो कुर्दिस्तान होते हुए तुर्की के जेहान बंदरगाह तक जाती है। इसे ढाई साल बाद फिर से शुरू किया गया और फिलहाल करीब 1.7 लाख बैरल प्रतिदिन तेल भेजा जा रहा है, जिसे बढ़ाकर 2.5 लाख बैरल तक करने की योजना है।

    hormuzzz

    ईरान और संभावित रास्ते

    ईरान की गोरेह-जास्क पाइपलाइन भी एक विकल्प है, जिसकी क्षमता करीब 10 लाख बैरल प्रतिदिन है। जास्क टर्मिनल पूरी तरह तैयार नहीं है, लेकिन 2024 में यहां से ट्रायल शिपमेंट किया गया था। इसके अलावा, इराक ओमान के दूक्म बंदरगाह तक पाइपलाइन बनाने पर विचार कर रहा है, हालांकि यह योजना अभी शुरुआती चरण में है और इसके रास्ते तय किए जा रहे हैं।

    इराक-जॉर्डन पाइपलाइन का प्रस्ताव भी लंबे समय से है, जिसके जरिए बसरा से अकाबा बंदरगाह तक तेल भेजा जा सकता है। इसकी क्षमता 10 लाख बैरल प्रतिदिन होगी, लेकिन लागत और सुरक्षा कारणों से यह प्रोजेक्ट अभी अटका हुआ है।

    hormuzzzz

    बड़े लेकिन मुश्किल विकल्प

    हॉर्मुज को पूरी तरह बायपास करने के लिए खाड़ी से ओमान सागर तक नहर बनाने का विचार भी सामने आया है, जो स्वेज या पनामा नहर की तरह हो सकती है। हालांकि, हजर पर्वतों को काटकर यह नहर बनाना बेहद कठिन और महंगा होगा, जिसकी लागत सैकड़ों अरब डॉलर तक पहुंच सकती है।

    ईरान की धमकी, निशाने पर समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल; क्या भारत पर भी होगा असर?