यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इजरायल का होगा पूरा गाजा, कब्जे के पक्ष में इजरायली सेना; बड़े सैन्य अधिकारियों से मिले नेतन्याहू
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा में 22 महीने से चल रहे युद्ध के लिए एक नई रणनीति को अंतिम ...और पढ़ें

HighLights
- सुरक्षा अधिकारियों से मिले नेतन्याहू, गाजा पट्टी पर पूर्ण कब्जा के पक्ष में
- 22 महीने से चल रहे युद्ध को रोकने के लिए बातचीत विफल हो गई है
- भुखमरी अथवा कुपोषण से आठ और फलस्तीनियों ने अपने प्राण गंवाए
- इजरायली हमलों में अब तक 61,000 से अधिक फलस्तीनियों की मौत
रॉयटर, तेल अवीव। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा में 22 महीने से चल रहे युद्ध के लिए एक नई रणनीति को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से मुलाकात की।
नेतन्याहू ने गाजा पट्टी पर पूर्ण सैन्य कब्जा करने का समर्थन किया
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नेतन्याहू ने गाजा पट्टी पर पूर्ण सैन्य कब्जा करने का समर्थन किया है। कब्जाए गए फलस्तीनी क्षेत्र में भूख और भयावह स्थिति को समाप्त करने के लिए युद्धविराम की खातिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद इजरायल और फलस्तीनी आतंकवादी समूह हमास के बीच युद्धविराम की मध्यस्थता के प्रयास विफल हो गए हैं।
पिछले 24 घंटों में आठ और लोग भूख या कुपोषण से मर गए
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में आठ और लोग भूख या कुपोषण से मर गए, जबकि 79 और लोगों ने ताजा इजरायली गोलीबारी में अपनी जान गंवाई।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि नेतन्याहू ने लगभग तीन घंटे तक एक ''सीमित सुरक्षा चर्चा'' की। इसमें सेना प्रमुख इयाल जमीर ने ''गाजा में अभियान जारी रखने के विकल्प प्रस्तुत किए''।
जल्द करेंगे फैसला
एक इजरायली अधिकारी ने पहले बताया था कि रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज और रणनीतिक मामलों के मंत्री एवं नेतन्याहू के विश्वासपात्र रान डर्मर भी इस बैठक में शामिल होंगे और इस सप्ताह कैबिनेट में पेश की जाने वाली रणनीति पर फैसला करेंगे।
एक टीवी चैनल ने नेतन्याहू के कार्यालय के एक अधिकारी का हवाला देते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री पूरे क्षेत्र पर नियंत्रण करने की ओर बढ़ रहे हैं। इससे 2005 में गाजा से हटने के फैसले को पलट दिया जाएगा, जबकि उसकी सीमाओं पर नियंत्रण बरकरार रखा जाएगा।
नेतन्याहू एक लंबे कब्जे की उम्मीद कर रहे थे
दक्षिणपंथी पार्टियां इस कदम को हमास के वहां सत्ता हासिल करने को जिम्मेदार मानती हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं था कि नेतन्याहू एक लंबे कब्जे की उम्मीद कर रहे थे या हमास को खत्म करने और इजरायली बंधकों को मुक्त कराने के उद्देश्य से एक अल्पकालिक अभियान की। बहरहाल, प्रधानमंत्री कार्यालय ने चैनल की रिपोर्ट पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
