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जब सीमा पर कत्लेआम मचा रहे थे आतंकी, तब 2 घंटे बाद आर्मी हेडक्वार्टर पहुंचे थे पीएम नेतन्याहू; रिपोर्ट में खुलासा

Published: Sat, 05 Sep 2026 03:53 PM (IST)

7 अक्टूबर 2023 को हमास हमले के दौरान इजरायली पीएम नेतन्याहू को अपने घर से सैन्य मुख्यालय पहुंचने में दो ...और पढ़ें

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू(फाइल फोटो)

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू(फाइल फोटो)

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समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, यरुशलम। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के दौरान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सीजेरिया स्थित अपने घर से तेल अवीव में सैन्य मुख्यालय किर्या पहुंचने में कम से कम दो घंटे का समय लगा था। यह अहम खुलासा ऐसे संवेदनशील समय में हुआ है जब इजरायल में 27 अक्टूबर को अगले आम चुनाव होने जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नेतन्याहू की सरकार का चार साल का संसदीय कार्यकाल पूरा होने के बाद हो रहे इन चुनावों में सुरक्षा और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के मुद्दों पर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।

हमले के शुरुआती घंटों में पीएम की गतिविधियों पर उठे सवाल

इजरायली मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हमास के हमले के शुरुआती और बेहद अहम घंटों के दौरान प्रधानमंत्री की गतिविधियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उस समय आतंकवादी गाजा सीमा के आसपास के इजरायली समुदायों पर कहर बरपा रहे थे।

इस सप्ताह की शुरुआत में, नेतन्याहू के कार्यालय ने 7 अक्टूबर के उनके कार्यक्रम का विवरण जारी किया था। इन रिकॉर्ड्स से पता चलता है कि नेतन्याहू को सुबह 6:29 बजे हमले के बारे में अलर्ट कर दिया गया था, लेकिन वह सुबह 7:30 बजे तक अपने घर से नहीं निकले थे। उनके कार्यालय ने इस देरी का कारण काफिले की तैयारियों को बताया है।

पीएमओ और शिन बेट के रिकॉर्ड में अंतर

जारी किए गए आधिकारिक विवरण के अनुसार, नेतन्याहू सुबह 8 बजे किर्या मुख्यालय पहुंचे। हालांकि, दस्तावेज में यह भी बताया गया है कि इजरायल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट के रिकॉर्ड के मुताबिक उनके पहुंचने का समय सुबह 8:22 बजे था।

चैनल 12 के अनुसार, नेतन्याहू की डायरी के अप्रकाशित विवरण में वह सुबह 9 बजे मुख्यालय पहुंचे थे। ब्रॉडकास्टर ने एक विश्वसनीय सूत्र के हवाले से यह भी कहा कि प्रधानमंत्री सुबह 9:30 बजे तक वहां नहीं पहुंचे थे।

अगर यह रिपोर्ट सही है, तो इसका मतलब है कि नेतन्याहू सुबह 8:30 या 9 बजे के आसपास तक सीजेरिया से निकले ही नहीं थे, यानी हमले की पहली सूचना मिलने के दो घंटे से भी अधिक समय बाद। बता दें कि इजरायल के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने तीन साल के युद्ध के दौरान देश का नेतृत्व किया है।

सुरक्षा प्रमुखों से नहीं किया संपर्क

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सुबह 6:29 बजे अपने सैन्य सचिव द्वारा जगाए जाने के बाद नेतन्याहू ने अपने सुरक्षा प्रमुखों से कोई संपर्क नहीं किया और जब तक वह किर्या नहीं पहुंच गए, तब तक उन्होंने उनसे बात नहीं की।

यह विवरण नेतन्याहू के इस सप्ताह की शुरुआत में दिए गए उस बयान के बिल्कुल विपरीत है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि सुरक्षा प्रमुखों ने उन्हें रात में हमास के संभावित हमले के संकेतों के बारे में जानकारी देने के लिए जगाया होता, तो वह तुरंत आईडीएफ और वायु सेना को सक्रिय कर देते।

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी विवरण के अनुसार, किर्या में नेतन्याहू की पहली स्थिति आकलन बैठक सुबह 9:55 बजे तक आयोजित नहीं की गई थी। इसके करीब एक घंटे बाद, उन्होंने एक वीडियो जारी कर घोषणा की थी- हम युद्ध में हैं।

चैनल 12 की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि तत्कालीन रक्षा मंत्री योव गैलेंट अलर्ट होने के एक घंटे बाद, सुबह 7:30 बजे किर्या पहुंच गए थे। गैलेंट का घर मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर था, जबकि नेतन्याहू का सीजेरिया स्थित आवास वहां से लगभग 20 किलोमीटर करीब था।

जांच आयोग के गठन की फिर उठी मांग

इन नए खुलासों ने एक राज्य जांच आयोग के गठन की मांगों को फिर से तेज कर दिया है। अक्टूबर काउंसिल ने कहा कि ठीक इन्हीं तीन घंटों की जवाबदेही तय करने के लिए हमें एक राज्य जांच आयोग की स्थापना करनी चाहिए।

नेतन्याहू ऐसे किसी भी आयोग का विरोध करते रहे हैं। यदि कोई राज्य जांच आयोग बनता है, तो उसके पास 7 अक्टूबर की घटनाओं की जांच करने के व्यापक अधिकार होंगे, जिसमें यह भी शामिल होगा कि किसे क्या पता था, किसने निर्देश जारी किए और सरकार की प्रतिक्रिया वैसी क्यों थी जैसी वह थी।

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