विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इजरायल ने देरी से फलस्तीनी कैदियों को किया रिहा, काफी असमंजस भरी रही स्थिति; भड़क गया हमास

By Agency Edited By: Jeet Kumar
Published: Fri, 31 Jan 2025 05:45 AM (IST)

इजराइल ने गुरुवार को 110 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करना शुरू कर दिया इससे पहले दिन में गाजा पट्टी में ...और पढ़ें

इजराइल ने गुरुवार को 110 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करना शुरू कर दिया (फोटो- रॉयटर)
इजराइल ने गुरुवार को 110 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करना शुरू कर दिया (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. तीन इजरायली, पांच थाई बंधक गाजा में रिहा हुए
  2. हजारों लड़ाकों में बंधक रिहा होने से इजरायल क्षुब्ध
  3. देर से शुरू हुई फलस्तीनी कैदियों की रिहाई

 रॉयटर, यरुशलम। इजराइल ने गुरुवार को 110 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करना शुरू कर दिया, इससे पहले दिन में गाजा पट्टी में आठ बंधकों को उग्रवादियों द्वारा मुक्त कर दिया गया था। इजरायल ने फलस्तीनी कैदियों की रिहाई देर से शुरू की, जिसको लेकर हमास ने आपत्ति जताई थी।

रेडक्रास पर हजारों हथियारबंद लड़ाकों की मौजूदगी

इजरायल ने हजारों हथियारबंद लड़ाकों की मौजूदगी और उनके उत्तेजक-कोलाहलपूर्ण आचरण पर आपत्ति जताई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस माहौल पर मध्यस्थों का ध्यान आकर्षित किया है। जिन इजरायली बंधकों को गुरुवार को रिहा किया गया उनमें शामिल 29 वर्षीय आर्बेल येहुद को सात अक्टूबर, 2023 को इजरायल के किबुज नीर ओज शहर से अगवा किया गया था।

हजारों लड़ाकों के बीच से चोटिल येहुद बड़ी मुश्किल से पैदल चलकर रेडक्रास के अधिकारियों के पास आ पाईं। उनके साथ 80 वर्ष के गाजी मोसेस को भी हमास ने छोड़ा है। तीसरी बंधक इजरायली सैनिक अगम बर्जर हैं। रिहा किए गए थाइलैंड के पांच नागरिक गाजा के नजदीक इजरायली नागरिकों के खेतों में काम करते थे, वहीं से उन्हें अगवा किया गया था।

पांच थाई बंधकों को रेडक्रास को सौंप दिया

गाजा के खान यूनिस शहर में गुरुवार को हमास ने तीन इजरायली बंधकों और पांच थाई बंधकों को रेडक्रास को सौंप दिया। लेकिन बदले में 110 फलस्तीनी कैदियों की रिहाई देर से शुरू हो पाई है। इजरायल ने हजारों हथियारबंद लड़ाकों की मौजूदगी और उनके उत्तेजक-कोलाहलपूर्ण आचरण पर आपत्ति जताई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस माहौल पर मध्यस्थों का ध्यान आकर्षित किया है।

खान यूनिस में जो माहौल बंधकों को डराने वाला था

इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि बंधकों की रिहाई के समय खान यूनिस में जो माहौल था वह स्तब्ध करने वाला और बंधकों को डराने वाला था। उन्होंने मध्यस्थों से अनुरोध किया है कि भविष्य में होने वाली बंधकों की रिहाई के समय गाजा में हमास की ओर से ऐसा माहौल नहीं बनाया जाना चाहिए। इस बाबत ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही फलस्तीनी बंधकों की रिहाई होगी।

रिहा किए गए कैदियों में 30 ऐसे हैं जो इजरायलियों के खिलाफ घातक हमलों के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। कुछ को कब्जे वाले पश्चिमी तट पर लौटने की अनुमति दी गई है, जबकि अधिक गंभीर अपराधों के लिए दोषी ठहराए गए लोगों को निर्वासन से पहले मिस्र स्थानांतरित किया जा रहा है।

देर से शुरू हुई फलस्तीनी कैदियों की रिहाई

उनकी रिहाई गुरुवार (30 जनवरी, 2025) को देर से शुरू हुई, जब गाजा में आतंकवादियों ने तीन इजरायली और पांच थाई नागरिकों को रिहा कर दिया, जो 15 महीने से अधिक समय पहले बंधक बनाए जाने के समय दक्षिणी इजरायल में खेतों पर काम कर रहे थे। गाजा में बने माहौल के बाद वापस जेल भेज दी गईं। इजरायली सेना और हमास के बीच चले 15 महीने से ज्यादा के युद्ध के बाद गाजा में युद्धविराम हुआ है और समझौते के तहत बंधकों और कैदियों की रिहाई हो रही है।

यह भी पढ़ें- आठ बंधक छोड़ेगा हमास, बदले में इजराइल 110 कैदी करेगा रिहा, युद्ध विराम के बीच इजराइली हमले में 10 फलस्तीनियों की मौत