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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

War: इजरायली बमबारी में लेबनान के 2790 लोगों की मौत, अब प्राचीन शहर बालबेक पर ताबड़तोड़ हमले

By Agency Edited By: Jeet Kumar
Published: Thu, 31 Oct 2024 05:45 AM (IST)

आठ अक्टूबर 2023 से हिजबुल्ला के साथ जारी लड़ाई में इजरायली सेना लेबनान में 2790 लोगों को मार चुकी है। ...और पढ़ें

ईरान ने कहा, उसका मिसाइल उत्पादन यथावत जारी
ईरान ने कहा, उसका मिसाइल उत्पादन यथावत जारी

HighLights

  1. शहर में तीन हजार वर्ष पुराने रोमन साम्राज्य के अवशेष
  2. संयुक्त राष्ट्र ने 1984 में घोषित किया था विश्वदाय क्षेत्र
  3. ईरान ने कहा, उसका मिसाइल उत्पादन यथावत जारी

 रॉयटर, बेरूत। इजरायली सेना ने बुधवार सुबह लेबनान के पूर्वी भाग में स्थित बालबेक शहर के लोगों को इलाका खाली करने के लिए कहा और रात में वहां बमबारी शुरू कर दी। हवाई हमलों में जान-माल के नुकसान की जानकारी अभी नहीं मिली है। बालबेक वह शहर है जिसमें रोमन साम्राज्य के तीन हजार वर्ष पुराने अवशेष हैं।

इजरायली सेना लेबनान में 2,790 लोगों को मार चुकी

संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को ने 1984 में इसे विश्वदाय क्षेत्र घोषित किया था। इजरायल ने लेबनान की बेका घाटी में भी मंगलवार-बुधवार की रात कई हवाई हमले किए। इन हमलों में घाटी में बसे शहरों में 60 से ज्यादा लोग मारे गए और दर्जनों घायल हुए हैं। आठ अक्टूबर, 2023 से हिजबुल्ला के साथ जारी लड़ाई में इजरायली सेना लेबनान में 2,790 लोगों को मार चुकी है।

हिजबुल्ला के नए प्रमुख नईम कासिम ने कहा है कि इजरायल हमले रोकने के लिए तैयार होता है तो हम उसके प्रस्ताव पर विचार करके अपने भी जवाबी हमले रोकेंगे। कासिम ने यह बात हिजबुल्ला प्रमुख बनने के बाद अपने पहले प्रिरिकार्डेड संदेश में कही है। बुधवार को गाजा में इजरायली हमलों में 20 लोग मारे गए हैं। जबकि मंगलवार को बेत लाहिया में लापता हुए 93 लोगों का अभी पता नहीं चला है।

इजरायली सेना टैंकों के साथ गाजा में घुसी

आशंका है कि ये लोग इजरायली हमले में मारे जा चुके हैं और उनके शव मलबे में दब गए हैं। इजरायली सेना बीते तीन हफ्तों से इलाके में टैंकों से हमले की कार्रवाई कर रही है। गाजा सहित सभी फलस्तीनी इलाकों में संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी राहत एजेंसी के कामकाज पर रोक लगाने के इजरायल के कदम को अमेरिका ने बड़ी मुश्किल पैदा करने वाला फैसला बताया है।

इजरायल को हमले के दुष्परिणाम भुगतने होंगे- ईरान

आगे कहा, इससे लाखों फलस्तीनियों के जीवन को खतरा पैदा हो गया है। जबकि संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि एजेंसी के कामकाज पर रोक के इजरायल के फैसले से युद्ध के दौरान गाजा की जीवनरेखा कट गई है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा है कि इजरायल के इस निर्णय से इजरायल का फैसला गाजा, वेस्ट बैंक और पूर्वी यरूशलम के शरणार्थियों के लिए आपदा साबित हो सकता है।

इस बीच ईरान ने कहा है कि 26 अक्टूबर के इजरायली हमले से उसके मिसाइल उत्पादन में बाधा नहीं आई है और वह यथावत जारी है। लेकिन इजरायल को हमले के दुष्परिणाम भुगतने होंगे।