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हूती ने चार साल पुराना युद्धविराम तोड़ा, सऊदी अरब पर दागीं मिसाइलें

Published: Wed, 15 Jul 2026 02:14 AM (IST)

हूती विद्रोहियों ने सना हवाई अड्डे पर ईरानी विमान को उतरने से रोकने के सऊदी अरब के कदम के जवाब में चार साल पुराना युद्धविराम तोड़ दिया।

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HighLights

  1. हूती ने चार साल पुराना युद्धविराम तोड़ सऊदी अरब पर मिसाइलें दागीं।

  2. ईरानी विमान को सना हवाई अड्डे पर उतरने से रोकने पर जवाबी कार्रवाई की।

  3. बाब अल मंदेब जलडमरूमध्य बंद करने की धमकी, तेल आपूर्ति पर असर।

रायटर, रियाद। यमन के हूती विद्रोहियों ने सना में ईरानी विमान न उतरने देने के लिए हवाई अड्डे पर किए हमले के जवाब में चार साल पुराना युद्धविराम तोड़ दिया। हूती ने दक्षिणी सऊदी अरब पर मिसाइल हमले किए। सऊदी अरब ने कहा कि ईरान समर्थित आतंकी गुटों के हमलों को दक्षिणी सऊदी अरब में इंटरसेप्ट कर लिया गया।

बता दें कि हूती नेताओं का एक दल ईरान में दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में गया हुआ था। वहां से ये दल ईरान के विमान से यमन लौट रहा था। सना हवाई अड्डे पर विमान को उतरने की अनुमति नहीं दी गई और सना हवाई अड्डे के रनवे पर मिसाइल हमला करके विमान को चेतावनी दी गई।

इसके बाद विमान ने यमन के होदेइदा हवाई अड्डे पर लैंड किया। यमन की अधिकृत सरकार ने दावा किया कि उसने विमान को सना में उतरने से रोका, जबकि हूती ने इसके लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। हूती के प्रवक्ता याहया सारी ने कहा कि सऊदी अरब के अभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया है।

बाब अल मंदेब बंद होने का खतरा बढ़ा

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने के बाद संकेत दिया है कि वह लाल सागर क्षेत्र में सबसे खतरनाक कदम उठाने जा रहा है। यदि अमेरिका का दबाव जारी रहा तो ईरान हूती विद्रोहियों के जरिये बाब अल मंदेब स्ट्रेट को बंद करा सकता है। बाब अल मंदेब के जरिये अदन की खाड़ी लाल सागर से जुड़ती है। स्वेज नहर के रास्ते यहां से दुनिया की जरूरत की पांच प्रतिशत ऊर्जा आपूर्ति होती है।

वहीं, होर्मुज से ये आंकड़ा 20 प्रतिशत है। एक वरिष्ठ यमनी अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी उकसावे पर सऊदी अरब के यमन पर हमले के बाद वह बाब अल मंदेब को बंद करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अमेरिका को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

तेल की कीमतें 200 डालर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। बता दें कि सऊदी अरब ने होर्मुज के विकल्प के तौर पर लाल सागर से तेल और गैस की आपूर्ति का रास्ता बना रखा है। वहीं, हूती पहले भी बाब अल मंदेब में अपना दबदबा दिखा चुके हैं।