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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत-चीन के रिश्तों में कम हो रही दरार, चीनी विदेश मंत्री से मिले विक्रम मिसरी; क्या हुई दोनों में बात?

Published: Mon, 27 Jan 2025 04:24 PM (IST)

चीन और भारत के रिश्तों पर जमी तकरार वाली बर्फ अब धीरे-धीरे पिघलने लगी है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी दो ...और पढ़ें

विदेश सचिव दो दिन के दौरे पर चीन पहुंचे हैं (फोटो: @China_Amb_India)
विदेश सचिव दो दिन के दौरे पर चीन पहुंचे हैं (फोटो: @China_Amb_India)

HighLights

  1. बीजिंग में हुई दोनों की मुलाकात
  2. पिछले महीने मिले थे डोभाल-वांग

पीटीआई, बीजिंग। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने सोमवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात कर द्विपक्षीय हितों के मुद्दों पर चर्चा की। बता दें कि विदेश सचिव दो दिन के दौरे पर चीन पहुंचे हैं।

वे यहां चीनी अधिकारियों से मुकालात कर भारत और चीन के संबंधों को बेहतर करने का प्रयास करेंगे। विदेश मंत्री होने के अलावा, वांग सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के शक्तिशाली राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और भारत-चीन सीमा तंत्र के लिए चीन के विशेष प्रतिनिधि हैं।

प्रतिनिधि मुलाकात के बाद यात्रा

भारतीय पक्ष के प्रतिनिधि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल हैं। मिसरी की चीन यात्रा पिछले महीने विशेष प्रतिनिधि तंत्र के तहत वांग और डोभाल के बीच हुई वार्ता के बाद हुई है।

मिसरी के साथ अपनी बैठक में वांग ने कहा कि पिछले साल रूस के कजान में राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बैठक के बाद से दोनों पक्षों ने दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को गंभीरता से लागू किया है, सभी स्तरों पर सक्रिय बातचीत की है और चीन-भारत संबंधों को बेहतर बनाने की प्रक्रिया को तेज किया है।

संबंध सुधारने को आतुर चीन

  • सोमवार की बैठक पर चीनी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वांग ने कहा कि दोनों पक्षों को अवसर का लाभ उठाना चाहिए, एक-दूसरे से मिलना चाहिए, अधिक ठोस उपायों की खोज करनी चाहिए तथा संदेह और अलगाव के बजाय आपसी समझ, समर्थन और के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए।
  • वांग ने कहा कि चीन-भारत संबंधों में सुधार और विकास दोनों देशों और उनके लोगों के मौलिक हितों में है, वैश्विक दक्षिण देशों के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए अनुकूल है। वांग ने कहा कि भारत और चीन के बीच अच्छे संबंध एशिया और दुनिया में दो प्राचीन सभ्यताओं की शांति, स्थिरता, विकास और समृद्धि में योगदान करने के लिए भी अनुकूल हैं।
  • रविवार को यहां पहुंचने के बाद मिसरी ने सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के प्रभावशाली अंतर्राष्ट्रीय विभाग के प्रमुख लियू जियानचाओ से मुलाकात की, जो चीन की विदेश नीति की दिशा तय करता है।

कई मुद्दों पर हुई बात

आधिकारिक मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्षों ने दोनों देशों के नेताओं द्वारा बनाई गई महत्वपूर्ण सहमति को संयुक्त रूप से लागू करने, आदान-प्रदान और संवाद को मजबूत करने, तथा चीन-भारत संबंधों के सुधार और स्वस्थ एवं स्थिर विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ साझा चिंता के अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

मिसरी चीन में पूर्व राजदूत भी थे। उनकी यह यात्रा चीन के वसंत महोत्सव और चीनी नववर्ष के जश्न से पहले हो रही है, जो 29 जनवरी से शुरू हो रहा है, जिसके दौरान देश आधिकारिक तौर पर एक सप्ताह के लिए बंद रहेगा।

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