105mm की मारक क्षमता से बैटलफील्ड नेटवर्किंग तक... चीन का 'टाइप 100' टैंक क्यों है बाकी से अलग?
चीन के अत्याधुनिक टाइप 100 मेन बैटल टैंक की नई तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें नया छलावरण पैटर्न दिख रहा है।

चीन का टाइप 100 टैंक 105mm मारक क्षमता और डिजिटल नेटवर्किंग से लैस

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, बीजिंग। चीन के अत्याधुनिक टाइप 100 मेन बैटल टैंक की नई तस्वीरें एक चीनी शहर से सामने आई हैं। इन तस्वीरों में टैंक पर एक बिल्कुल नया छलावरण पैटर्न दिखाई दे रहा है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस टैंक का इस्तेमाल अब केवल परेड या ट्रेनिंग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे बड़ी संख्या में सेना में शामिल करने की तैयारी है।
चीन के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इसे पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में आधिकारिक तौर पर शामिल कर लिया गया है। यह टैंक चीन की पारंपरिक बख्तरबंद युद्ध रणनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
अत्याधुनिक तकनीक और घातक फीचर्स
टाइप 100 को नई पीढ़ी के टैंक के रूप में डिजाइन किया गया है, जिसमें पारंपरिक टैंकों की तुलना में सुरक्षा, मारक क्षमता और डिजिटल नेटवर्क का बेजोड़ तालमेल है।
इसमें 105 MM की मुख्य तोप लगी है। चालक दल के तीनों सदस्य बुर्ज के बयाय टैंक की मुख्य बॉडी के अंदर सुरक्षित बैठते हैं। इससे गोला-बारूद के विस्फोट होने की स्थिति में जवानों की जान बच सकती है।
चार तरफ लगे फेज्ड-एरे रडार से लैस यह सिस्टम ड्रोन, मिसाइलों, रॉकेट और सटीक निशाना लगाने वाले हथियारों का समय रहते पता लगाकर उन्हें हवा में ही नष्ट कर देता है।
यह सिस्टम टैंक के भारी-भरकम सेंसरों के लिए पर्याप्त बिजली बनाता है। टैंक पूरी तरह या आंशिक रूप से इलेक्ट्रिक मोड पर चल सकता है, जिससे इसकी आवाज और इन्फ्रारेड पहचान कम हो जाती है।
टैंक के चारों ओर लगे कैमरे और ऑगमेंटेड-रियलिटी टेक्नोलॉजी चालक दल को बाहर की 360-डिग्री जानकारी देते हैं।
डिजिटल कॉम्बैट नेटवर्क का अहम हिस्सा
यह टैंक केवल गोलियां चलाने और बचाव करने के लिए नहीं बना है, बल्कि यह एक नेटवर्क नोड के रूप में काम करता है। यह उपग्रहों, लड़ाकू ड्रोन और कमांड सेंटर से युद्धक्षेत्र का डेटा हासिल करता है।
इस जानकारी की मदद से यह टैंक ऐसे लक्ष्यों पर भी सीधा निशाना साध सकता है या सहयोगियों को सटीक जानकारी भेज सकता है, जो जवानों की सीधी नजर से दूर हैं।
बदलते युद्ध का नया टैंक
आज के समय में टैंकों को केवल दूसरी गाड़ियों या तोपों से ही नहीं, बल्कि लोइटरिंग म्यूनिशन और एंटी-टैंक मिसाइलों से भी बड़ा खतरा है।
युद्ध में बचने के लिए सिर्फ भारी और मोटा सुरक्षा कवच काफी नहीं है, बल्कि खतरों को पहले भांपना, अपनी मौजूदगी को छिपाना और डिजिटल रूप से जुड़े रहना सबसे जरूरी है। ऐसे में चीन का यह टैंक नई तकनीकों से लैस है।
