व्हाइट हाउस शूटिंग: मेकशिफ्ट रूम में असेंबल की राइफल, बॉलरूम की तरफ दौड़ा और फायरिंग के बाद मची अफरा-तफरी
व्हाइट हाउस में डिनर के दौरान गोलीबारी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ...और पढ़ें

HighLights
हमलावर ने अस्थायी कमरे में राइफल जोड़ी।
बॉलरूम की ओर दौड़कर की अंधाधुंध फायरिंग।
सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर (WHCD) के दौरान हुई गोलीबारी को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। एक स्वयंसेवक (वॉलंटियर) ने बताया कि हमलावर ने कार्यक्रम स्थल के भीतर ही एक अस्थायी कमरे (मेकशिफ्ट रूम) में लंबा हथियार (राइफल जैसा) जोड़ा और फिर बॉलरूम की ओर तेजी से बढ़ा।
वॉलंटियर के मुताबिक, शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि क्या हो रहा है, लेकिन कुछ ही क्षणों में हालात बदल गए। उसने बताया कि संदिग्ध व्यक्ति ने अलग-अलग हिस्सों में हथियार अंदर लाया और फिर मौके पर उसे जोड़कर तैयार किया। इसके बाद वह सीधे उस बॉलरूम की ओर भागा, जहां बड़ी संख्या में मेहमान और वीआईपी मौजूद थे।

लोग टेबलों के नीचे छिप गए
घटना के दौरान अचानक गोलियों की आवाज गूंजी, जिससे अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी-अपनी टेबलों के नीचे छिप गए, जबकि सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए हमलावर को काबू में किया और राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और अन्य शीर्ष नेताओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
हमलावर की हुई पहचान
रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर की पहचान 31 वर्षीय कोल थॉमस एलन के रूप में हुई है। उसके पास शॉटगन, हैंडगन और चाकू भी बरामद किए गए। उसने सुरक्षा जांच बिंदु पर तैनात एक अधिकारी पर गोली चलाई, लेकिन अधिकारी बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से बच गया।
खबरें और भी

सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर उठे सवाल
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमलावर इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद हथियार के हिस्से अंदर लाने में कैसे कामयाब हुआ। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर ऐसे कार्यक्रम में जहां देश के शीर्ष नेता, मीडिया प्रतिनिधि और प्रभावशाली लोग मौजूद होते हैं।