साउथ चाइना सी में US नेवी का 'पावर फेल', 4 दिन तक बंद रहे टॉयलेट; AC और मेस
साउथ चाइना सी में अमेरिकी युद्धपोत USS बेनफोल्ड में बिजली गुल होने से 300 नौसैनिकों को चार दिन तक बिना बुनियादी सुविधाओं के रहना पड़ा।

अमेरिकी युद्धपोत USS बेनफोल्ड में पावर फेलियर

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। साउथ चाइना सी में नियमित गश्त के दौरान अमेरिकी नौसेना के गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर USS बेनफोल्ड को गंभीर तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा। पिछले महीने 24 जुलाई को जनरेटर में आई खराबी के कारण करीब 10 हजार टन वजनी इस युद्धपोत की बिजली पूरी तरह गुल हो गई।
इस वजह से जहाज पर मौजूद लगभग 300 से ज्यादा नौसैनिकों को लगातार चार दिनों तक बिना टॉयलेट, एयर कंडीशनिंग (AC), गैली सर्विस (रसोई) और पर्याप्त पीने के पानी के बिना कठिन परिस्थितियों में रहना पड़ा।
क्रू मेंबर्स पर शारीरिक और मानसिक दबाव
यह घटना तब हुई जब इलाके में तापमान 32 से 37 डिग्री के बीच था। इतनी भीषण गर्मी में AC और अन्य बुनियादी सुविधाएं बंद होने से क्रू मेंबर्स पर ज्यादा शारीरिक और मानसिक दबाव पड़ा। इस दौरान जहाज की अकेले संचालन करने की क्षमता भी प्रभावित हुई।
हालांकि, 7वें फ्लीट के अधिकारियों के अनुसार, इस संकट के समय क्रूजर USS रॉबर्ट स्मॉल्स और USS जॉर्ज वाशिंगटन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के अन्य जहाजों ने बेनफोल्ड के सैनिकों को खाना और जरूरी मदद पहुंचाई।
बाद में युद्धपोत को मरम्मत के लिए फिलीपींस के सुबिक बे ले जाया गया, जहां 8 अगस्त तक मरम्मत पूरी होने के बाद इसे फिर से सेवा में तैनात कर दिया गया। नौसेना से स्पष्ट किया है कि घटना में कोई भी सैनिक घायल नहीं हुआ और इसके कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दूसरी घटना
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में इस साल अमेरिकी डिस्ट्रॉयर में पावर फेलियर की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले मई में USS हिगिंस ने भी कुछ घंटों के लिए अपनी पावर और प्रोपल्शन खो दिया था, जिससे वह कुछ समय के लिए समुद्र में दिशा बदलने में असमर्थ हो गया था।
बता दें कि आर्ले बर्क-क्लास के ये दोनों डिस्ट्रॉयर अमेरिकी नौसेना के सरफेस फ्लीट की रीढ़ माने जाते हैं।
तनाव के बीच दबाव
यह तकनीकी समस्या ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी नौसेना दुनिया भर में फैली अपनी प्रतिबद्धताओं और मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ जारी तनाव के कारण भारी दबाव का सामना कर रही है।
लंबे समय से तैनात USS अब्राहम लिंकन की जगह लेने के लिए नौसेना अब USS जॉर्ज वाशिंगटन को वेस्टर्न पैसिफिक से मिडिल ईस्ट भेजने की तैयारी में है।
