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अमेरिका ने ईरान के तीन तेल टैंकरों को बनाया निशाना, अमेरिकी युद्धपोतों पर मिसाइल हमले के बाद की कार्रवाई

Published: Sat, 05 Sep 2026 11:14 PM (IST)

अमेरिकी युद्धपोतों पर ईरान के मिसाइल हमलों के जवाब में अमेरिका ने तीन ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया। अमेरिका ...और पढ़ें

अमेरिका ने ईरान के तीन तेल टैंकरों को किया नष्ट

अमेरिका ने ईरान के तीन तेल टैंकरों को किया नष्ट

HighLights

  1. अमेरिका ने ईरानी तेल टैंकरों पर जवाबी हमला किया।

  2. ईरान ने अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों पर मिसाइल दागी थी।

  3. अमेरिका ने ईरान को तेल बेड़ा नष्ट करने की चेतावनी दी।

रॉयटर्स, ह्यू्स्टन। ईरान के तेल टैंकरों पर अमेरिका ने हमला किया है। यूएस सेंट्रल कमांड ने कहा कि ईरान द्वारा अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने के बाद अमेरिका ने तीन ईरानी तेल टैंकरों को शनिवार को निशाना बनाया गया।

एपी के अनुसार अमेरिका ने ईरान को चेताया कि ज़रूरत पड़ने पर अमेरिकी सेना ईरान के तेल जहाजों के बेड़े को नष्ट कर देगी। अमेरिका की सेना के बयान में कहा गया है कि इलाके में गश्त के दौरान एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और डिस्ट्रायर ने ईरान के कई हमलों से खुद को बचाया।

इन हमलों में किसी भी अमेरिकी कर्मी को चोट नहीं आई। बयान में यह भी कहा कि ईरान के तीन तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया गया है।

अमेरिका ने कहा है कि ये टैंकर ऐसे खुफिया नेटवर्क का हिस्सा थे जो ईरान के ताकतवर रिवोल्यूशनरी गार्ड और इलाके में उसके हथियारबंद प्राक्सी गुटों को फंड देने में मदद कर रहा था।

अमेरिका ने स्पष्ट किया कि बताया कि एक टैंकर पर खार्ग द्वीप के पास और दूसरे पर जास्क के पास हमला हुआ। एक खाली टैंकर पर ओमान की खाड़ी में हमला किया गया। हमलों का वीडियो फुटेज भी जारी किया।इससे पहले, ईरान ने अमेरिका पर फारस की खाड़ी में खार्ग द्वीप के पास एक ईरानी टैंकर पर हमला करने का आरोप लगाया था।

आईएएनएस ने ईरान की समाचार एजेंसी तस्नीम की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि शनिवार सुबह ईरान के दक्षिणी खार्ग द्वीप से लगभग 10 किलोमीटर दूर एक ईरानी तेल टैंकर को अमेरिकी मिसाइल हमले में निशाना बनाया गया।

ईरान के सरकारी टीवी ने बताया कि टैंकर पर चार मिसाइलों से हमले किए गए। हालांकि हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है।

ये हमले तब हुए हैं जब अमेरिका और ईरान के बीच रुक-रुक कर चल रहे युद्ध में एक महीने की शांति के बाद फिर से हमले शुरू हो गए। यह युद्ध 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों से शुरू हुआ था।