मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप ने दी वीटो की धमकी, बोले- 'डेमोक्रेट्स को समझौते के लिए मजबूर कर दूंगा'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस में बहुमत खो देती है, ...और पढ़ें

ट्रंप ने दी वीटो की धमकी, बोले- डेमोक्रेट्स को समझौते के लिए मजबूर कर दूंगा
HighLights
मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार की आशंका वाली रिपोर्ट खारिज की
इल्हान उमर से इस्तीफे की मांग, कैलिफोर्निया में फर्जी मतदाताओं का आरोप
आईएएनएस, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस में बहुमत खो देती है, तो वह अपने वीटो अधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
उन्होंने दावा किया कि इससे डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता बातचीत और समझौते के लिए उनके पास आने को मजबूर होंगे। साथ ही उन्होंने राजनीतिक गतिरोध से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचने की आशंकाओं को खारिज किया।
फ्लोरिडा में चुनावी रैली के लिए रवाना होने से पहले व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने भरोसा जताया कि उनकी पार्टी चुनाव जीतेगी।
हालांकि, डेमोक्रेट्स के बहुमत हासिल करने की स्थिति में उन्होंने कहा, “मैं हर चीज पर वीटो लगा दूंगा। तब डेमोक्रेट मेरे पास आएंगे और समझौता करेंगे।” उनके मुताबिक, विभाजित सरकार भी उन्हें अपनी प्राथमिकताओं पर आगे बढ़ने से नहीं रोक पाएगी।
ट्रंप ने वाल स्ट्रीट जर्नल की उस रिपोर्ट को भी खारिज किया, जिसमें उनके आक्रामक चुनाव प्रचार से मतदाताओं में नाराजगी बढ़ने और रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई थी। रिपोर्ट के लेखक और रिपब्लिकन पार्टी के पूर्व रणनीतिकार कार्ल रोव को ट्रंप ने ‘लूजर’ कहा।
उन्होंने दावा किया कि उनकी रैलियों में उमड़ रही भीड़ से देशभर में पार्टी के उम्मीदवारों को मदद मिल रही है।इल्हान उमर से इस्तीफा मांगाएएनआइ के अनुसार, ट्रंप ने डेमोक्रेट सांसद इल्हान उमर से इस्तीफा देने को कहा।
उन्होंने फाक्स न्यूज की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि उनका असली नाम इल्हान नूर सईद एल्मी है। हालांकि, उमर के कार्यालय ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी तरह गलत है और इल्हान उमर ही उनका असली नाम है।
कैलिफोर्निया में चुनावी गड़बड़ी का आरोपट्रंप ने कैलिफोर्निया में 20 हजार फर्जी मतदाता तैयार किए जाने का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि वहां बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं और फर्जी मतदाताओं की संख्या लाखों में हो सकती है।
उन्होंने मिनेसोटा और अन्य राज्यों की चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई प्रमाण पेश नहीं किया।
