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    '51 साल में इतना बुरा बर्ताव किया', ट्रंप ने फिर साधा ईरान पर निशाना; बोले- उनके पास पैसे नहीं बचे

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 07:56 AM (IST)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक ग्राफिक साझा कर ईरान की अर्थव्यवस्था की तीखी आलोचना की, जिसमें ईरानी रियाल के भारी अवमूल्यन को दर् ...और पढ़ें

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप(फाइल फोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप(फाइल फोटो)

    HighLights

    1. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ईरान की आलोचना की।

    2. ईरानी रियाल के भारी अवमूल्यन को ग्राफिक से दर्शाया।

    3. ईरान की आर्थिक गिरावट के लिए 'बुरे बर्ताव' को जिम्मेदार ठहराया।

    डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट के जरिए ईरान की तीखी आलोचना की। उन्होंने ईरान के पास कोई पैसा नहीं है शीर्षक वाला एक ग्राफिक शेयर किया और देश की आर्थिक गिरावट के लिए 51 साल के बुरे बर्ताव को जिम्मेदार ठहराया।

    अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ईरानी रियाल में आई भारी गिरावट को दर्शाने वाले चार्ट के साथ किया गया यह पोस्ट, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान पर ट्रंप का लेटेस्ट हमला माना जा रहा है।

    ट्रंप ने ईरान की मुद्रा को बताया कचरा

    ट्रंप द्वारा शेयर की गई तस्वीर में दावा किया गया है कि 2025 की शुरुआत में 10 लाख ईरानी रियाल की कीमत लगभग 1.11 डॉलर थी, जो 2026 की तीसरी तिमाही तक गिरकर लगभग 0.53 डॉलर हो गई। नीचे की ओर जा रहे इस ग्राफ ने कई तिमाहियों में मुद्रा की गिरावट को ट्रैक किया, जिसके अंत में एक कूड़ेदान आइकन के बगल में मुद्रा कचरा है लिखा हुआ था।

    इस ग्राफिक का उद्देश्य यह दर्शाना था कि इस समयावधि में ईरान की मुद्रा ने अपना आधे से अधिक मूल्य खो दिया है, जिससे पता चलता है कि देश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर तस्वीर के ऊपर 51 साल का बुरा बर्ताव! कैप्शन के अलावा कोई अन्य टिप्पणी नहीं की।

    trump truth social post (1)

    नीतियों का असर

    यह पोस्ट ऐसे समय में आई है जब ट्रंप लगातार यह तर्क देते रहे हैं कि वर्षों से लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों, क्षेत्रीय संघर्षों और ईरानी नेतृत्व की टकराव वाली नीतियों के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था बेहद कमजोर हो गई है। उनके प्रशासन ने मध्य पूर्व में प्रतिबंधों और सैन्य तैनाती के माध्यम से तेहरान पर अपना दबाव बनाए रखा है।

    खबरें और भी

    ईरान की मुद्रा ने पिछले कई वर्षों में मुद्रास्फीति, प्रतिबंधों के दबाव, कम विदेशी निवेश और विदेशी मुद्रा बाजारों में अस्थिरता के कारण लगातार मूल्य में गिरावट का सामना किया है।

    अर्थशास्त्रियों ने लंबे समय से ईरान की अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक कमजोरियों की ओर इशारा किया है, हालांकि सोशल मीडिया पर प्रसारित विशिष्ट विनिमय-दर के आंकड़े अक्सर इस बात पर निर्भर करते हैं कि किस आधिकारिक या समानांतर-बाजार दर का उपयोग किया जा रहा है।

    बढ़ते तनाव के बीच आया बयान

    ट्रंप का यह पोस्ट हाल के हफ्तों में तेज हुए अमेरिका-ईरान टकराव की पृष्ठभूमि में भी आया है। वाशिंगटन और तेहरान के बीच सैन्य और कूटनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। इसमें ईरान से जुड़ी संपत्तियों को निशाना बनाने वाले अमेरिकी अभियान और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य तैनाती में वृद्धि शामिल है।

    इन घटनाक्रमों ने एक व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, हालांकि तनाव को और बढ़ने से रोकने के प्रयास में खाड़ी देशों और ओमान को शामिल करते हुए बैकचैनल कूटनीतिक प्रयास कथित तौर पर जारी हैं।

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