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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

US के सिएटल शहर में जाति आधारित भेदभाव पर प्रतिबंध वाला कानून प्रभावी, सिटी काउंसिल में प्रस्ताव पारित

By Jagran NewsEdited By: Piyush Kumar
Published: Tue, 28 Mar 2023 07:48 PM (IST)

जातिगत भेदभाव पर प्रतिबंध लगाने वाला सिएटल न केवल पहला अमेरिकी शहर है बल्कि दक्षण एशिया से बाहर पहला क्षेत्र ...और पढ़ें

भारतवंशी नेता कशमा सावंत ने जाति आधारित भेदभाव पर प्रतिबंध लगाने के लिए बिल पेश किया था।
भारतवंशी नेता कशमा सावंत ने जाति आधारित भेदभाव पर प्रतिबंध लगाने के लिए बिल पेश किया था।

वाशिंगटन,पीटीआइ। अमेरिका के सिएटल शहर में जाति आधारित भेदभाव पर प्रतिबंध लगाने वाला ऐतिहासिक कानून प्रभावी हो गया है। भारत से बाहर सिएटल ऐसा पहला शहर है, जहां इस तरह का कानून लागू किया गया है। पिछले महीने भारतवंशी नेता कशमा सावंत ने यह प्रस्ताव पेश किया था। सिएटल सिटी परिषद में यह प्रस्ताव ध्वनिमत से मंजूर किया गया था।

जातिगत भेदभाव पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून हुआ प्रभावी

जातिगत भेदभाव पर प्रतिबंध लगाने वाला सिएटल न केवल पहला अमेरिकी शहर है, बल्कि दक्षण एशिया से बाहर पहला क्षेत्र भी है। सावंत ने सोमवार को कहा, 'जातिगत भेदभाव पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून आज से हमारे शहर सिएटल में प्रभावी हो गया है।

जाति के आधार पर भेदभाव पर प्रतिबंध लगाता है कानून

सिएटल का कानून काम पर रखने, कार्यकाल, प्रोन्नति, कार्यस्थल की स्थिति या वेतन के संबंध में जाति आधारित भेदभाव को प्रतिबंधित करता है। यह कानून होटलों, सार्वजनिक यातायात के साधनों, सार्वजनिक विश्राम गृहों या खुदरा प्रतिष्ठानों जैसे सार्वजनिक साधनों में जाति के आधार पर भेदभाव पर प्रतिबंध लगाता है।

कशमा सावंत ने आगे कहा कि यह कानून किराए पर घर देने, संपत्ति की बिक्री और ऋण के लिए गिरवी रखने में भी जातिगत भेदभाव को प्रतिबंधित करता है।