डेमोक्रेट्स या रिपब्लिकन... मिड-टर्म इलेक्शन में किसके पाले में जाएगा भारतीय-अमेरिकियों का वोट?
एक नए सर्वे में खुलासा हुआ है कि आगामी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में भारतीय-अमेरिकी मतदाता डेमोक्रेटिक पार्टी को प्राथमिकता दे रहे हैं।

(प्रतीकात्मक तस्वीर: रॉयटर्स)

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डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। एक सर्वे में पता चला है कि अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनाव में भारतीय-अमेरिकी वोटर डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों की ओर झुकाव दिखा रहे हैं।
तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों को लेकर यह बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं। 66 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी वोटरों ने कहा कि वे प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों के लिए होने वाले चुनावों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को वोट देंगे।
90 प्रतिशत से ज्यादा वोटर डालेंगे वोट
इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा की 435 और सीनेट की 35 सीटों के साथ-साथ कई स्थानीय सरकारी पदों के लिए भी वोटिंग होनी है। सर्वे में पाया गया कि 90 प्रतिशत से अधिक रजिस्टर्ड एशियाई अमेरिकी और प्रशांत द्वीपवासी वोटर मध्यावधि चुनावों में वोट डालने की योजना बना रहे हैं, जबकि दोनों मुख्य राजनीतिक पार्टियों की ओर से उनसे संपर्क नहीं किया गया।
भारतीय-अमेरिकियों की पसंद कौन?
प्रतिनिधि सभा को लेकर सर्वे में शामिल 18 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकियों ने कहा कि वे रिपब्लिकन उम्मीदवारों को वोट देंगे। सीनेट चुनावों में, 22 प्रतिशत लोगों ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन किया। एशियाई अमेरिकी वोटरों के लिए जीवन-यापन का खर्च और महंगाई सबसे अहम मुद्दे हैं। 90 प्रतिशत लोगों ने इसे बेहद जरूरी बताया है।
क्या हैं मुद्दे?
इसके बाद हेल्थकेयर (82 प्रतिशत), नौकरियां और बेरोजगारी (80 प्रतिशत), सोशल सिक्योरिटी और मेडिकेयर (80 प्रतिशत) और शिक्षा (79 प्रतिशत) का नंबर आता है। अनुमान है कि 2026 में 1.6 करोड़ एशियाई अमेरिकी और प्रशांत द्वीप समूह के नागरिक वोट देने के योग्य होंगे।
(समाचार एजेंसी के इनपुट के साथ)
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