US बॉर्डर पर भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक को हिरासत में लिया गया, ग्रीनलैंड से लौटते समय हुई पूछताछ
भारतीय मूल के अमेरिकी लेखक नील बख्शी ने आरोप लगाया है कि ग्रीनलैंड से लौटने पर अमेरिकी बॉर्डर अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की।

अमेरिकी बॉर्डर पर भारतीय मूल के नील बख्शी को हिरासत में लिया गया

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डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। भारतीय मूल के अमेरिकी लेखक और उद्यमी नील बख्शी ने आरोप लगाया है कि छुट्टी से लौटने पर अमेरिकी बॉर्डर अधिकारियों ने पूछताछ के लिए उन्हें हिरासत में लिया।
इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में बख्शी ने कहा कि ग्रीनलैंड से अमेरिका पहुंचने के बाद उन्हें रोका गया। ग्लोबल एंट्री सुविधा का इस्तेमाल करने के बावजूद, उन्होंने दावा किया कि उन्हें अतिरिक्त जांच के लिए अलग ले जाया गया।
नील बख्शी का जन्म अमेरिका में हुआ था और वह अमेरिकी नागरिक हैं। नील का कहना है कि अतिरिक्त जांच के लिए चुने जाना उनके लिए कोई नई बात नहीं थी, लेकिन यह अनुभव काफी अलग था।
छोटे कमरे में ले जाकर की पूछताछ
नील ने बताया कि उन्हें पहले एक बड़े वेटिंग एरिया में ले जाया गया। इसके बाद उन्हें एक छोटे कमरे में ले जाया गया, जहां अधिकारियों ने उनसे बहुत सारी निजी जानकारी मांगी और कुछ खास समूहों से उनके जुड़ाव के बारे में पूछताछ की।
उन्होंने कहा कि बेंच के कुशन फटे हुए थे और बाथरूम के दरवाजे पर कोई लॉक नहीं था। एक छोटे कमरे में मुझसे मेरी हर निजी जानकारी मांगी गई, कुछ खास समूहों से मेरे जुड़ाव के बारे में पूछताछ की गई और आखिर में कहा गया कि यह मेरी अपनी सुरक्षा के लिए है।
महिला के साथ दुर्व्यवहार
नील बख्शी ने एक अधिकारी और अंग्रेजी न बोल पाने वाली बुजुर्ग हिस्पैनिक महिला के बीच हुई दुर्व्यवहार की घटना का जिक्र किया, जहां अधिकारी ने महिला पर झूठ बोलने का आरोप लगाया।
बख्शी का मानना है कि सुरक्षा खतरों को रोकना जरूरी है, लेकिन इस प्रक्रिया में आबादी के एक खास हिस्से पर लगातार शक करना और अमेरिकियों के कुछ विशेष समूहों की अधिक कड़ाई से जांच करना चिंताजनक है।
इमिग्रेशन नियमों की सख्ती के बाद कड़ी हुई जांच
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा इमिग्रेशन नियमों को सख्ती से लागू करने के बाद अमेरिकी बॉर्डर और एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की जांच काफी कड़ी हो गई है।
अधिकारियों के अनुसार, इन सख्त उपायों का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना और गैर-कानूनी इमिग्रेशन पर लगाम लगाना है। हालांकि, इस नीति की वजह से कानूनी रूप से यात्रा करने वाले लोगों को भी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इमिग्रेशन समर्थकों का तर्क है कि वैध डॉक्यूमेंट्स और ग्लोबल एंट्री जैसे स्टेटस होने के बावजूद अमेरिकी नागरिकों व ग्रीन कार्ड होल्डर्स को लंबी पूछताछ और रैंडम चेकिंग से गुजरना पड़ रहा है।
