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अमेरिकी F-35 स्टेल्थ फाइटर के सीक्रेट पार्ट्स पहुंचे चीन, अमेरिका की सुरक्षा में बड़ी सेंध

Published: Thu, 08 Oct 2026 11:54 PM (GMT+05:30)

अमेरिका के सबसे उन्नत स्टेल्थ फाइटर जेट F-35 के संवेदनशील पार्ट्स चीन की पहुंच में कैसे पहुंच गए, इसकी नई ...और पढ़ें

चीन के पास कैसे पहुंच गए अमेरिकी F-35 स्टेल्थ फाइटर के संवेदनशील पार्ट्स (फोटो- रॉयटर)

चीन के पास कैसे पहुंच गए अमेरिकी F-35 स्टेल्थ फाइटर के संवेदनशील पार्ट्स (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. शिपमेंट में एफ-35 का कॉकपिट कैनोपी और वेपन्स-बे डोर शामिल थे

  2. पेंटागन ने कहा कि ये पार्ट्स अनसर्विसेबल (उपयोग के लायक नहीं) थे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के सबसे उन्नत स्टेल्थ फाइटर जेट F-35 के संवेदनशील पार्ट्स चीन की पहुंच में कैसे पहुंच गए, इसकी नई डिटेल्स सामने आई हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, एक चेतावनी वाला ईमेल मिस हो गया और शिपमेंट गलत रास्ते से हांगकांग होकर भेज दिया गया। इससे अमेरिकी सैन्य तकनीक चीन के हाथ लगने का खतरा पैदा हो गया।

क्या हुआ था?

शिपमेंट में एफ-35 का कॉकपिट कैनोपी और वेपन्स-बे डोर शामिल थे। दोनों पर रडार-एब्जॉर्बिंग मैटेरियल लगा हुआ था, जो विमान की स्टेल्थ क्षमता बढ़ाता है। ये पार्ट्स मई के अंत में मरम्मत या निपटान के लिए अमेरिका वापस भेजे जा रहे थे।

मूल रूप से ये ऑस्ट्रेलिया से साउथ कोरिया और ताइवान होते हुए सैन फ्रांसिस्को पहुंचने वाले थे। लेकिन शिपमेंट देर से निकला तो डिलीवरी तेज करने के लिए इसे गलती से हांगकांग के रास्ते भेज दिया गया।

फ्रेट फॉरवर्डर कंपनी डीएसवी एएस ने पहले ही एक ईमेल भेजा था, जिसमें बताया गया था कि यह शिपमेंट आईटीएआर (इंटरनेशनल ट्रैफिक इन आर्म्स रेगुलेशंस) के अंतर्गत आता है और कुछ देशों से होकर नहीं जा सकता। ये नियम संवेदनशील अमेरिकी सैन्य तकनीक को दुश्मन देशों तक पहुंचने से रोकने के लिए बनाए गए हैं। डीएसवी यह शिपमेंट लॉकहीड मार्टिन की ओर से संभाल रही थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह ईमेल शायद अलग आईटी सिस्टम से भेजा गया था, जिसकी वजह से यूपीएस कर्मचारी को यह चेतावनी नहीं मिली।

पेंटागन जांच में जुटी

पेंटागन ने कहा कि ये पार्ट्स अनसर्विसेबल (उपयोग के लायक नहीं) थे और अमेरिकी ट्रांसपोर्टेशन कमांड इस शिपमेंट में शामिल नहीं था। डिफेंस डिपार्टमेंट ने बयान में कहा कि वे पार्ट्स वापस पाने, जांच करने और भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए सुरक्षा उपाय करने पर काम कर रहे हैं। इस घटना को लेकर पेंटागन और स्टेट डिपार्टमेंट जांच कर रहे हैं।