यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
George Floyd Death: जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के 3 साल बाद, यूएस सिटी पुलिस बल में सुधार की योजना को दी गई मंजूरी
George Floyds Death तीन साल पहले यानी 25 मई 2020 को अमेरिका के शहर मिनियापोलिस में एक बेहद ही दर्दनाक ...और पढ़ें

वाशिंगटन, एजेंसी। George Floyd's Death: तीन साल पहले यानी 25 मई, 2020 को अमेरिका के शहर मिनियापोलिस में एक बेहद ही दर्दनाक घटना हुई थी।
एक श्वेत पुलिस अधिकारी ने 9 मिनट तक एक अश्वेत व्यक्ति की गर्दन पर घुटना रखकर उसे मार डाला था। वो अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड थे। आज उनकी मौत को तीन साल पूरे हो गए है और इसी को देखते हुए मिनियापोलिस शहर ने 31 मार्च को अपने पुलिस बल में सुधार की योजना को मंजूरी देने की घोषणा की है।
'ब्लैक लाइव्स मैटर'
46 वर्षीय जॉर्ज फ्लॉयड की वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों में गुस्सा भरा हुआ था। जब उनकी मौत हुई तो लोगों ने 'ब्लैक लाइव्स मैटर' के नारे के साथ वैश्विक शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए। फ्लॉयड की हत्या ने न केवल मिनियापोलिस, एक मध्य-पश्चिमी शहर, बल्कि अन्य अमेरिकी महानगरीय क्षेत्रों में कानून प्रवर्तन विधियों की तीखी आलोचना की। मिनेसोटा डिपार्टमेंट ऑफ ह्यूमन राइट्स द्वारा फ्लॉयड की मौत के बाद शुरू की गई जांच से पता चला की एक 'जाति भेदभाव' के कारण ये सबकुछ हुआ।
पुलिस बल में सुधार की योजना
मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे ने एक बयान में कहा, हम अपने पुलिस बल में सुधार की योजना को मंजूरी दे रहे है। हमारा प्रमुख लक्ष्य मिनियापोलिस में पुलिसिंग और सामुदायिक सुरक्षा के लिए एक बेहतर और अधिक न्यायपूर्ण दृष्टिकोण का निर्माण करना होगा। बता दें कि पिछले साल एक जांच के निष्कर्ष जारी होने के बाद 31 मार्च को घोषित 144 पन्नों के समझौते पर शहर और मानवाधिकार विभाग के बीच बातचीत हुई। इसे अभी भी अदालत की मंजूरी की आवश्यकता है।
मामूली उल्लंघनों में संलग्न नहीं हो सकती पुलिस
इस 144 पन्नों के समझौते में शामिल हैं कि पुलिस अब कुछ मामूली उल्लंघनों में संलग्न नहीं हो सकती है। पुलिस अब अगर किसी मारिजुआना के मामले में किसी की तलाशी नहीं ले सकते। यह पुलिस से केवल 'आवश्यक' और डी-एस्केलेटरी तरीके से 'कथित खतरे के अनुपात में' बल लगाने का आह्वान करता है। यह दंड देने या प्रतिशोध लेने के लिए बल प्रयोग पर भी प्रतिबंध लगाता है। समझौते में कहा गया है कि अगर पुलिस के पास गिरफ्तारी का कारण है और अगर 'अधिकारी, व्यक्ति या किसी तीसरे पक्ष की रक्षा करना' आवश्यक है, तो टेसर का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
