अमेरिका में मॉल में हमले की साजिश का खुलासा, FBI एजेंटों ने युवा को 600 डॉलर में बेची AK-47
एफबीआई ने मॉल ऑफ अमेरिका पर एक किशोर के आतंकी हमले की साजिश को नाकाम कर दिया। एजेंटों ने लगभग ...और पढ़ें
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अमेरिका में मॉल पर हमले की साजिश नाकाम।
HighLights
एफबीआई ने मॉल ऑफ अमेरिका आतंकी साजिश को नाकाम किया।
किशोर शेखदून मोहमुद को एके-47 बेचकर गिरफ्तार किया।
वह 30-60 गैर-मुसलमानों को मारना चाहता था।
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। एफबीआई एजेंटों ने मॉल ऑफ अमेरिका पर एक किशोर के आतंकी हमले की साजिश को नाकाम कर दिया। उन्होंने लगभग दो साल तक उस पर नजर रखी और आखिर में उसे वही एके-47 राइफल मुहैया कराई जिसका इस्तेमाल वह हमले के लिए करना चाहता था।
यह 18 साल का किशोर दिसंबर 2024 से ही एफबीआई की रडार पर था। उसने एक गुप्त मुखबिर के साथ मैसेज का आदान-प्रदान शुरू किया था। एक शिकायत के अनुसार, शुरू में उसने अल-शबाब चरमपंथियों की ओर से लड़ने के लिए सोमालिया जाने में दिलचस्पी दिखाई थी। शिकायत में कहा गया है कि जब मॉल पर हमला करने की उसकी योजना पक्की हो गई तो एजेंटों ने मंगलवार को उसे बंदूक और गोला-बारूद बेचा और उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
'30 से 40 लोगों को मारना चाहता था'
अमेरिकी अटॉर्नी डैनियल रोसेन ने कहा, "यह एक कट्टरपंथी सोच वाला युवक था, जिस पर नजर रखने की जरूरत थी।" एजेंट खतरे का पता लगाने और उसे नाकाम करने में कामयाब रहे, इससे पहले कि आरोपी अपने उस इरादे को अंजाम दे पाता। उसी के शब्दों में कहा जाए तो शायद वह 30 से 60 लोगों को मारना चाहता था।
एफबीआई का प्लान
एजेंसी ने बताया कि शेखदून अब्दुल्लाही मोहमुद को मंगलवार को रिचफील्ड के एक पब्लिक पार्क में गिरफ्तार किया गया। यह जगह मॉल ऑफ अमेरिका से कई मील उत्तर-पश्चिम में है। गिरफ्तारी तब हुई जब उसने एक राइफल और 200 राउंड गोलियों के लिए एक अंडरकवर एफबीआई कर्मचारी को 600 डॉलर दिए। वह कर्मचारी इस्लामिक स्टेट ग्रुप का सदस्य बनकर उससे मिला था।
एफबीआई एजेंट की शिकायत के अनुसार, मोहमुद ने मुखबिर को भेजे चैट मैसेज में बार-बार कहा कि वह 24 अक्टूबर को मॉल में गैर-मुसलमानों पर हमला करके उन्हें मारना चाहता है। उस दिन मिनेसोटा के सबसे बड़े एशियाई जातीय समूह ह्मोंग समुदाय का एक कला उत्सव आयोजित होने वाला था।
शिकायत के अनुसार, जब मुखबिर ने पूछा कि क्या वह हमला करने को लेकर गंभीर है तो मोहम्मद ने जवाब दिया, "हां, मुझे 100% यकीन है।" और आगे कहा, "अगर मुझे यकीन नहीं होता तो मैं अब तक पीछे हट गया होता।"
एजेंट ने लिखा कि मोहमुद के मैसेज से हाल के आतंकी हमलों के लिए उसकी तारीफ और सोमालिया जाकर लड़ने में उसकी दिलचस्पी का पता चलता है जहां वह असल में इस्लामिक स्टेट ग्रुप के लिए लड़ना चाहता था। शिकायत के मुताबिक, बाद में उसने तय किया कि वह वहां जाने का खर्च नहीं उठा सकता और इसके बजाय मॉल पर हमला करेगा।
एफबीआई की नजर में कब आया मोहमुद?
शिकायत के अनुसार, यह किशोर पहली बार दिसंबर 2024 में एफबीआई की नजर में आया। इसी महीने उस सोर्स ने उससे मैसेज का आदान-प्रदान शुरू किया था। मई 2025 तक एजेंट इतने चिंतित हो गए कि वे उसके घर गए। शिकायत में कहा गया है कि उसकी मां ने उन्हें बताया कि वह अभी स्कूल से घर नहीं लौटा है और लड़के के पिता को फोन किया। पिता ने उनसे बात करने से इनकार कर दिया और कहा कि वे अपनी संपर्क जानकारी उसके वकील को दे देंगे।
