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'मैं सीक्रेट सर्विस और मिलिट्री की सलाह मानता हूं', ईरान से खतरे के बीच ट्रंप ने बताई तुर्किए में प्लेन बदलने की कहानी

Updated: Wed, 12 Aug 2026 08:15 AM (IST)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्किए से निकलते समय विमान बदलने की बात स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि ईरान से संभावित खतरे के कारण सीक्रेट सर्विस और सेना के निर्देशों पर उन्होंने ऐसा किया था।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने माना है कि पिछले महीने तुर्किए से निकलते समय उन्हें दूसरे विमान में ले जाया गया था। उन्होंने कहा कि सीक्रेट सर्विस और सेना के निर्देशों का पालन करते हुए उन्होंने ऐसा किया क्योंकि उन्हें बताया गया था कि जिस विमान में वे पहले सवार हुए थे उस पर ज्यादा खतरा था।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "मैं सीक्रेट सर्विस और सेना की बात मानता हूं। वे चाहते थे कि मैं किसी दूसरी फ्लाइट, किसी दूसरे विमान से जाऊं। मैं वही करता हूं जो वे कहते हैं। मुझे लगता है कि वहां कोई खतरा था। मैंने इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं पूछा। मुझे बहुत सारे खतरे की धमकियां मिलती रहती हैं।"

'उस विमान को निशाना बनाया जा सकता था'

ट्रंप ने आगे कहा, "मुझे तो असल में लगता है कि जिस विमान से मैं गया उस पर ज्यादा खतरा था। मुझे लगता है कि उस पर ज्यादा खतरा था क्योंकि वही वह विमान होता जिसे वे शायद निशाना बनाते।"

ट्रंप की ये सफाई वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के बाद सामने आई जिसमें बताया गया था कि ईरान की ओर से हत्या की कथित धमकी के बीच ट्रंप को चुपके से एयर फोर्स वन से एक छोटे सैन्य विमान में एयरपोर्ट कैटरिंग ट्रक के जरिए ले जाया गया था।

ट्रंप ने चुपके से बदला विमान

ट्रंप ने तुर्किए में नाटो शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद शुरू में कैमरों के सामने पुराने, हल्के नीले रंग के एयर फोर्स वन विमान में उड़ान भरी थी लेकिन विमान में सवार होने के बाद उन्हें चुपके से एयरपोर्ट कैटरिंग ट्रक के जरिए एयर फोर्स C-32A विमान में ले जाया गया, जो उन्हें ब्रिटेन ले गया।

वॉशिंगटन पोस्ट ने इस ऑपरेशन की जानकारी रखने वाले एक अमेरिकी अधिकारी और अखबार द्वारा देखी गई पुष्टि करने वाली सामग्री का हवाला देते हुए यह रिपोर्ट दी।

एक अन्य रिपोर्ट में भी किया गया था दावा

वहीं, द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने मंगलवार को एक अज्ञात अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए रिपोर्ट दी कि इजरायल ने कथित तौर पर अमेरिका को उस खतरे के बारे में आगाह किया था जिसके कारण सीक्रेट सर्विस ने ट्रंप को एयर फोर्स वन से हटाकर सैन्य विमान में स्थानांतरित किया जब वे तुर्की से निकलने की तैयारी कर रहे थे।

रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली खुफिया जानकारी से संकेत मिला था कि ईरान कंधे से दागी जाने वाली मिसाइलों से ट्रंप के विमान को निशाना बनाने की योजना बना रहा था। अधिकारी ने कहा कि खतरे के बावजूद ट्रंप प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी एयर फोर्स वन में ही सवार रहे।

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