'मुझे नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए, लेकिन उम्मीद बहुत कम...'; ट्रंप का दावा
ट्रंप ने एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अपनी दावेदारी दोहराई है, हालांकि उन्होंने इसे मिलने पर संदेह भी व्यक्त किया है।

ट्रंप ने फिर कहा- मुझे नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए (फोटो-रॉयटर्स)
HighLights
ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अपनी दावेदारी दोहराई।
उन्होंने पुरस्कार मिलने पर समिति के फैसले पर संदेह जताया।
कई संघर्षों को सुलझाने का दावा, पर आलोचनाओं का भी सामना।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप बार-बार कहते रहे हैं कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। वहीं ट्रंप ने फिर एक बार वही बात कही, लेकिन इस बार उन्होंने ये अवॉर्ड मिलने पर संदेह भी दिखाया है।
ट्रंप ने 2026 में मिले नोबेल पुरस्कार के बारे में कहा, 'मुझे नहीं पता कि उनका फैसला क्या होगा। नॉर्वेजियन नोबेल कमिटी शुक्रवार को इस पुरस्कार की घोषणा करेगी। उनकी ऐसी छवि है कि वे शायद मुझ जैसे लोगों को यह पुरस्कार नहीं देते।'
ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार मिलने की उम्मीद
व्हाइट हाउस में वापसी के बाद से ट्रंप बार-बार कह चुके हैं कि वे दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित माने जाने वाले इस पुरस्कार के हकदार हैं।
ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा, 'अब वह समय आ गया है। लेकिन पिछली बार इसे पाने वाले व्यक्ति से अप्रत्यक्ष रूप से इसे पाकर मुझे बहुत सम्मान महसूस हुआ था। उन्होंने कहा था कि इतिहास में राष्ट्रपति ट्रंप से ज्यादा इसका कोई हकदार नहीं है।'
वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को 2025 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला था और उन्होंने नोबेल पुरस्कार मेडल ट्रंप को दे दिया था, क्योंकि वे वेनेजुएला में अपनी कोशिशों के लिए अमेरिका का समर्थन चाहती थीं।
ट्रंप ने बताया- क्यों मिलना चाहिए नोबेल
डोनल्ड ट्रंप कई संघर्षों को सुलझाने का दावा करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा है कि उन्होंने दुनिया में कई युद्ध रुकवाए हैं।
कंबोडिया, इजरायल और पाकिस्तान के नेताओं ने कहा है कि उन्होंने ट्रंप को नॉमिनेट किया है, हालांकि इसकी पुष्टि करने का कोई तरीका नहीं है।
देखा जाए तो ट्रंप यूक्रेन-रूस युद्ध का समाधान नहीं निकाल पाए हैं, जबकि उन्होंने अपने दूसरे व्हाइट हाउस कार्यकाल के पहले दिन ही इसे खत्म करने का वादा किया था।
अमेरिका ने ट्रंप के निर्देश पर इसी साल इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला किया, जिसके बाद से मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ गए हैं। दुनियाभर में तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे दाम काफी बढ़ गए हैं।
इस साल पुरस्कार जीतने की दौड़ में पोप लियो, इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट और फलस्तीनी क्षेत्रों के लिए विशेष रैपोर्टेयर (विशेष प्रतिनिधि) जैसे नाम प्रमुखता से शामिल हैं।
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