विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बाइडन के पाकिस्तान को 'खतरनाक देश' बताने वाले बयान से व्हाइट हाउस का किनारा, अब सुरक्षा क्षमता पर जताया भरोसा

By AgencyEdited By: Mahen Khanna
Updated: Tue, 18 Oct 2022 06:04 AM (IST)

अमेरिका के विदेश विभाग ने कहा है कि अमेरिका पाकिस्तान की प्रतिबद्धता और उसकी परमाणु संपत्ति को सुरक्षित करने की क्षमता के बारे में आश्वस्त है। विदेश विभाग के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने कहा कि हमने सुरक्षित और समृद्ध पाकिस्तान को अमेरिकी हितों के लिए हमेशा महत्वपूर्ण माना है।

विदेश विभाग के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल।
विदेश विभाग के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल।

वाशिंगटन, एजेंसी राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा पाकिस्तान को 'दुनिया में सबसे खतरनाक देश' करार दिए जाने के कुछ दिनों बाद अमेरिका ने अब पलटी मारी है। अमेरिका के विदेश विभाग ने कहा है कि अमेरिका पाकिस्तान की प्रतिबद्धता और उसकी परमाणु संपत्ति को सुरक्षित करने की क्षमता के बारे में आश्वस्त है। विदेश विभाग के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने सोमवार को कहा कि अमेरिका ने हमेशा एक सुरक्षित और समृद्ध पाकिस्तान को अमेरिकी हितों के लिए महत्वपूर्ण माना है।

शहबाज शरीफ ने जताई थी नाराजगी

गुरुवार को यहां डेमोक्रेटिक पार्टी कांग्रेस की प्रचार समिति के स्वागत समारोह में बाइडन ने पाक को खतरनाक देश बताया था। जिसको पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने "तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक" बताते हुए खारिज कर दिया था। जिसके बाद इस्लामाबाद में अमेरिकी राजदूत को आधिकारिक तौर पर तलब कर बयान पर जवाब देने को बुलाया था।

राजदूत को तलब करने पर डाला पर्दा

अमेरिका के विदेश विभाग ने पाक का बचाव तो किया लेकिन बाइडन की टिप्पणी पर कुछ भी कहने से बचना ठीक समझा। पटेल ने कहा कि यह एक ऐसा रिश्ता है जिसे हम महत्वपूर्ण मानते हैं और यह कुछ ऐसा है जिसमें हम गहराई से जुड़े रहना जारी रखेंगे। राजदूत को तलब करने के मामले पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हम नियमित रूप से विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मिलते हैं, लेकिन इसपर कुछ खास नहीं है जो बताया जा सके।

बिगड़ चुके हैं पाक और अमेरिका के संबंध

बता दें कि अफगानिस्तान में तालिबान के लिए पाकिस्तान के समर्थन और उसकी धरती पर बड़ी संख्या में जिहादी आतंकवादियों की मौजूदगी के कारण अमेरिका और पाकिस्तान के बीच पूर्व में मधुर संबंध खराब हो गए थे। अल कायदा के संस्थापक ओसामा बिन लादेन के वहां पाए जाने और मारे जाने के बाद से अमेरिकी 2011 से पाकिस्तान से खफा है।

यह भी पढ़ें- Biden On Pak: 'पाकिस्तान है दुनिया का सबसे खतरनाक देश', बाइडन बोले- परमाणु हथियार होना दूसरों के लिए नुकसानदेह

पाकिस्तान को सताने लगी अमेरिकी नाराजगी की चिंता, कहा- परमाणु क्षमता क्षेत्र में शांति के लिए जरूरी