बंगाल में एक करोड़ से अधिक संदिग्ध राशन कार्ड होंगे रद, सीमा से सटे जिलों में सबसे ज्यादा गड़बड़ी
बंगाल खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने एक करोड़ से अधिक संदिग्ध डिजिटल राशन कार्ड निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की है।

एक करोड़ से अधिक संदिग्ध राशन कार्ड निष्क्रिय होंगे

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में राशन व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने एक करोड़ से अधिक संदिग्ध और अवैध डिजिटल राशन कार्ड स्थायी रूप से निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की है।
मतदाता सूची के आंकड़ों को राशन कार्ड और बायोमेट्रिक जानकारी से मिलाने के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है।
1 करोड़ से अधिक राशन कार्ड निष्क्रिय
जांच में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाद्यान्न उठाने और वर्षों पहले मृत लोगों के नाम पर राशन लेने के मामले सामने आए हैं। सीमा से सटे जिलों उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, नदिया, मुर्शिदाबाद, मालदा तथा उत्तर व दक्षिण दिनाजपुर में संदिग्ध कार्डों की संख्या अधिक है।
अकेले उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और नदिया में करीब 35 लाख कार्ड निष्क्रिय किए जाने की प्रक्रिया में हैं। ई-पास मशीनों पर अंगुलियों के निशान और बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होने से फर्जीवाड़े की पहचान में मदद मिली है।
कालाबाजारी रोकने पर जोर
खाद्य विभाग के अनुसार, कार्रवाई का उद्देश्य राशन की कालाबाजारी रोकना और सरकारी खाद्यान्न का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचाना है।
संदिग्ध कार्ड हटने से सरकारी धन की बचत के साथ वितरण व्यवस्था भी अधिक पारदर्शी होने की उम्मीद है। विभाग ने कहा है कि सत्यापन के दौरान वैध लाभार्थियों को परेशानी न हो, इसका भी ध्यान रखा जाएगा।
