'स्वस्थ और सभ्य देश के लिए कट्टरपंथियों पर कार्रवाई जरूरी', बांग्लादेश के बिगड़ते हालात पर तसलीमा नसरीन का बड़ा बयान
बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने बांग्लादेश में कट्टरपंथियों को लगातार मिल रहे बढ़ावा पर चिंता व्यक्त की है और स्वस्थ समाज के लिए उनके विरोध को आवश्यक बताया है।

तसलीमा नसरीन ने बांग्लादेश में कट्टरपंथियों को मिल रहे बढ़ावे पर चिंता जताई

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने बांग्लादेश के हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि वहां कट्टरपंथियों को लगातार बढ़ावा मिल रहा है। अगर बांग्लादेश को स्वस्थ और सभ्य बनाना है तो कट्टरपंथियों का विरोध करना होगा।
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा और दोनों देशों के रिश्तों पर इसके असर के सवाल पर उन्होंने कहा कि स्थिति अभी अनिश्चित है। जिस तरह बांग्लादेश में जमात-ए-इस्लामी को बढ़ावा दिए जाने और कट्टरपंथियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से बचने की बात सामने आ रही है, उससे यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों देशों के रिश्ते किस दिशा में जाएंगे।
जुलाई के बाद दूसरी बार कोलकाता पहुंचीं तसलीमा ने कहा कि यहां वापस आकर वह खुश हैं, हालांकि, दुर्गापूजा के दौरान कोलकाता में नहीं रुक पाएंगी। वह 10 अक्टूबर को महालया पर ईडन गार्डेंस स्टेडियम में होने वाले समारोह में शामिल होने की कोशिश करेंगी।
समय मिलने पर वह कोलाघाट जाकर हिलसा मछली का स्वाद भी चखना चाहेंगी। उनकी बिरसिंघा में ईश्वर चंद्र विद्यासागर के जन्मस्थान व हावड़ा में शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के घर जाने की भी इच्छा है।
