कौन हैं कोयल मल्लिक? जिन्हें बीजेपी ने बनाया राज्यसभा उम्मीदवार
भाजपा ने बंगाल में राज्यसभा उपचुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस छोड़कर पार्टी में शामिल हुईं अभिनेत्री रुक्मिणी मल्लिक उर्फ कोयल मल्लिक को अपना प्रत्याशी घोषित किया है।

तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं कोयल मल्लिक राज्यसभा उम्मीदवार
HighLights
भाजपा ने बंगाल राज्यसभा उपचुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित किया
तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं कोयल मल्लिक उम्मीदवार
कोयल मल्लिक पहले तृणमूल से राज्यसभा सदस्य थीं
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। भाजपा ने बंगाल और उत्तराखंड से राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की रविवार को घोषणा कर दी। भाजपा ने बंगाल में राज्यसभा की खाली हुई एक सीट पर उपचुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस छोड़कर पार्टी में शामिल हुईं बांग्ला फिल्मों की अभिनेत्री रुक्मिणी मल्लिक उर्फ कोयल मल्लिक को प्रत्याशी बनाया है।
कौन हैं कोयल मल्लिक?
कोयल मल्लिक इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर इसी साल राज्यसभा सदस्य बनी थीं, लेकिन कुछ ही महीनों बाद उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
अब भाजपा ने उन्हें उसी रिक्त सीट के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है।कोयल मल्लिक ने अप्रैल में तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी।
विधानसभा चुनाव के बाद मई में राज्य में हुए सत्ता परिवर्तन और तृणमूल के 15 वर्षों की सत्ता गंवाने के बाद पार्टी में मची भगदड़ के बीच कोयल मल्लिक ने जुलाई में मानसून सत्र शुरू होने से पहले राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
भाजपा में शामिल हुईं थी कोयल
तृणमूल कांग्रेस की ओर से राज्यसभा सदस्य रहने के दौरान उन्होंने सदन की कार्यवाही में एक दिन भी हिस्सा नहीं लिया था।राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद कोयल मल्लिक भाजपा में शामिल हो गई थीं। अब पार्टी ने उन्हें राज्यसभा उपचुनाव में प्रत्याशी बनाकर उनके राजनीतिक सफर को नया मोड़ दिया है।
भाजपा के इस फैसले को बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के खेमे से आए नेताओं को महत्व देने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
राज्यसभा की 12 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। इनमें उत्तर प्रदेश की 10 सीटें हैं, जबकि बंगाल और उत्तराखंड की एक-एक सीट शामिल है।
कोयल मल्लिक का फिल्मी सफर
कोयल मल्लिक ने 2003 में अभिनेता जीत के साथ फिल्म 'नटेर गुरु' से बंगाली सिनेमा में कदम रखा। फिल्म की सफलता के बाद उन्होंने बंगाली फिल्म जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। 'शुभदृष्टि', 'मोन माने ना', 'प्रेमेर कहानी', 'पागलू', 'रंगबाज', 'अरुंधती', 'बीश कोरेछी प्रेम कोरेछी' और 'मितिन माशी' जैसी फिल्मों में उन्होंने काम किया।
अभिनय के साथ उन्होंने टेलीविजन पर भी काम किया। वह अपने टाक शो 'कथा ओ कहानी' से भी जुड़ी रहीं। 2023 में पश्चिम बंगाल सरकार ने उन्हें महानायक सम्मान से सम्मानित किया था।
राजनीति में अचानक प्रवेश
कोयल मल्लिक ने 2026 में सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। फरवरी 2026 में तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें पश्चिम बंगाल से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया। उन्होंने 6 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। हालांकि, उनका संसदीय कार्यकाल बेहद छोटा रहा।
बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार और भाजपा की सरकार बनने के बाद उन्होंने 16 जुलाई को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने सांसद के तौर पर राज्यसभा के किसी सत्र में हिस्सा नहीं लिया था।
इस्तीफे के बाद वह भाजपा में शामिल हो गईं। अब भाजपा ने बंगाल की रिक्त राज्यसभा सीट के उपचुनाव के लिए उन्हें अपना उम्मीदवार घोषित किया है। यह वही सीट है जो उनके इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। 16 अक्टूबर को इस सीट के लिए मतदान होना है।
पिता रंजीत मल्लिक बंगाली सिनेमा के हैं जाने-माने अभिनेता
कोयल मल्लिक ने फिल्म निर्माता निसपल सिंह से 1 फरवरी 2013 को विवाह किया था। दोनों लंबे समय तक रिश्ते में रहने के बाद विवाह बंधन में बंधे थे। उनके दो बच्चे हैं। कोयल मल्लिक के पिता रंजीत मल्लिक बंगाली सिनेमा के जाने-माने अभिनेता हैं।
इसी फिल्मी पृष्ठभूमि में कोयल ने अभिनय की दुनिया में कदम रखा, लेकिन करीब दो दशक के अपने फिल्मी करियर में उन्होंने अलग पहचान बनाई। अब राजनीति में उनके प्रवेश के साथ उनके करियर का एक नया अध्याय शुरू हुआ है।
