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    'वो बाघ की तरह लड़ रहा है', टीएमसी में बगावत के बीच अभिषेक को ममता का समर्थन; बागियों पर बोला हमला

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 08:09 PM (GMT+05:30)

    तृणमूल कांग्रेस में मची अंतर्कलह और भगदड़ के बीच ममता बनर्जी ने अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी का पुरजोर बचाव किया है। ...और पढ़ें

    अभिषेक को मिला ममता बनर्जी का साथ। (फाइल)

    अभिषेक को मिला ममता बनर्जी का साथ। (फाइल)

    HighLights

    1. ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली का बचाव किया।

    2. केंद्रीय एजेंसियों के डर से पाला बदलने वालों को धोखेबाज कहा।

    3. ममता ने भाजपा के अंत तक लड़ने का संकल्प दोहराया।

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस में मची भारी अंतर्कलह और भगदड़ के बीच पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने अपने भतीजे और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी का पुरजोर बचाव किया है।

    ममता के बेहद करीबी रहे मदन मित्र सहित कई दिग्गज नेताओं ने पार्टी छोड़कर 'ऋतब्रत-तृणमूल' का दामन थाम लिया और इसके लिए सीधे तौर पर अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली को जिम्मेदार ठहराया।

    इन बागियों को कड़ा जवाब देते हुए ममता बनर्जी ने फेसबुक लाइव के जरिए अपनी भड़ास निकाली। ममता ने दो टूक कहा कि अभिषेक को निशाना बनाना केवल अपनी पीठ बचाने का एक बहाना है।

    अभिषेक बाघ की तरह डटकर लड़ रहा है- ममता

    अभिषेक आज भी बाघ की तरह डटकर लड़ रहा है। अगर उसने कभी कोई गलती की भी थी, तो उसकी हर खता माफ हो चुकी है। केंद्रीय एजेंसियों (ईडी-सीबीआई) के डर से पाला बदलने वाले नेताओं पर तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि इन नेताओं को डराकर जबरन 'सेटिंग कंपनी' में शामिल कराया जा रहा है।

    बागियों पर आक्रामक दिखीं ममता

    मदन मित्र का नाम लिए बिना ममता ने खुलासा किया कि जाने से पहले उन्होंने ईडी द्वारा परिवार को समन भेजे जाने का संदेश भेजा था, जिसके तुरंत बाद ही उन्हें पार्टी के सभी पदों से हटा दिया गया था। ममता ने भावुक लेकिन आक्रामक अंदाज में जनता से कहा कि मैं इन धोखेबाजों और गद्दारों के लिए जनता से माफी मांगती हूं।

    भाजपा के अंत तक मैं मैदान में डटी रहूंगी- ममता

    अपनी उम्र पर तंज कसने वाले विरोधियों को ललकारते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने एलान किया, अगर मैं 1997-98 और 2004 में अकेले दम पर शून्य से शुरुआत कर पार्टी खड़ी कर सकती हूं, तो साल 2026 में भी यह पराक्रम दोहराने का दम रखती हूं। जो जाना चाहते हैं, वे खुशी-खुशी चले जाएं। मेरे पास जो जमीनी कार्यकर्ता बचे हैं, वही मेरी सोने की खदान हैं। भाजपा के अंत तक मैं मैदान में डटी रहूंगी।

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