सांसद महुआ मोइत्रा की सुरक्षा मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय को पक्षकार बनाने का निर्देश
कलकत्ता हाई कोर्ट ने सांसद महुआ मोइत्रा की सुरक्षा से जुड़े मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय को पक्षकार बनाने का ...और पढ़ें

सांसद महुआ मोइत्रा की तस्वीर (फाइल)
HighLights
हाई कोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पक्षकार बनाने का निर्देश दिया।
सांसद महुआ मोइत्रा ने पर्याप्त सुरक्षा की मांग की थी।
उन्हें निर्वाचन क्षेत्र में उत्पीड़न और हमले की शिकायत है।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता बनर्जी गुट की तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा की सुरक्षा से जुड़े मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय को पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है। बुधवार को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने मंत्रालय को गुरुवार तक मामले में पक्षकार बनने को कहा।
नदिया जिले के कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्र की सांसद महुआ ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में बार-बार उत्पीड़न और हमले की शिकायत करते हुए पर्याप्त सुरक्षा की मांग की है।
मिली है एक्स श्रेणी की सुरक्षा
सुनवाई के दौरान राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने अदालत में रिपोर्ट पेश की। उन्होंने बताया कि महुआ को केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों और सांसदों की सुरक्षा से संबंधित येलो बुक के प्रावधानों के अनुसार एक्स श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। इसके जवाब में महुआ के वकील ने कहा कि उनकी मुवक्किल के लिए निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) नियुक्त किया गया है, लेकिन वह चौबीसों घंटे उनके साथ नहीं रहता।
निर्वाचन क्षेत्र में हमले की शिकायत
महुआ ने पहले हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उनके लोकसभा क्षेत्र में कुछ शरारती तत्व उन्हें बार-बार परेशान कर रहे हैं। उनके अनुसार, कभी पार्टी कार्यालय में उन पर अंडे फेंके गए, तो कभी निर्वाचन क्षेत्र में कार से यात्रा के दौरान उन पर हमला किया गया।
पर्याप्त सुरक्षा के निर्देश
इससे पहले हाई कोर्ट ने महुआ के निर्वाचन क्षेत्र में रहने के दौरान उन्हें पर्याप्त सुरक्षा देने का निर्देश दिया था। अदालत ने उनके क्षेत्र में रहने पर सुरक्षा के लिए दो सुरक्षाकर्मियों की तैनाती का आदेश भी दिया था। सात अक्टूबर को अदालत ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगते हुए सांसद की सुरक्षा से संबंधित नियमों की जानकारी देने को कहा था।
