मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका स्वीकार, 13 अगस्त को होगी सुनवाई
कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में मस्जिदों और धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका स्वीकार कर ली है। ...और पढ़ें

लाउडस्पीकर हटाने के खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका स्वीकार
HighLights
कलकत्ता हाई कोर्ट ने लाउडस्पीकर हटाने के खिलाफ याचिका स्वीकारी।
राज्य सरकार के मौखिक निर्देश को चुनौती दी गई है।
5,299 लाउडस्पीकर हटाए गए, जिसमें मस्जिदें और मंदिर शामिल।
राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाताः बंगाल में मस्जिदों और धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाए जाने के खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट एक जनहित याचिका दायर की गई है। हाई कोर्ट ने सोमवार को उस जनहित याचिका को स्वीकार करते हुए सुनवाई की अनुमति दे दी है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तापब्रत चक्रवर्ती और न्यायमूर्ति अतरूप बनर्जी की खंडपीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया गया था।
यह याचिका हाई कोर्ट के अधिवक्ता दानिश फारूकी द्वारा दायर की गई है, जिसमें राज्य सरकार के उस कथित मौखिक निर्देश को चुनौती दी गई है जिसके तहत राज्यभर की करीब 4,000 मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटा दिए गए हैं।
इसे लेकर तृणमूल सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने अदालत को बताया कि मौखिक आदेशों के जरिए सभी मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतरवा दिए गए हैं।
बाद में उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि पूर्व में हाई कोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट किया था कि अजान के समय तय डेसिबल सीमा के भीतर लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
लेकिन सरकार धमकियों के दम पर अपनी नीतियां लागू कर रही है। इसी के विरोध में अदालत का दरवाजा खटखटाया गया है ताकि तय ध्वनि सीमा के भीतर धार्मिक आयोजनों की अनुमति मिल सके। इस मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को तय की गई है।
कोर्ट से रैली निकालने की मांगी अनुमति
दूसरी ओर, इस कार्रवाई के विरोध में सड़कों पर उतरने की भी तैयारी शुरू हो गई है। अब्दुल समद नामक व्यक्ति ने अदालत का रुख कर मंगलवार को कोलकाता में राजा बाजार से सियालदह होते हुए रानी रासमणि एवेन्यू तक विरोध रैली निकालने की अनुमति मांगी है।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ पुलिस ने राज्यभर में अभियान चलाते हुए धर्मस्थलों से लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई शुरू की। कई प्रबंध समितियों का आरोप है कि उन्हें इसके लिए कोई लिखित आदेश नहीं बल्कि केवल स्थानीय थानों से मौखिक निर्देश मिले थे।
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हाल ही मेंतृणमूल के तीन बागी सांसदों—युसूफ पठान, खलीलुर रहमान और अबू ताहेर खान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा था। सांसदों ने धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा और बिना धार्मिक भावनाओं को आहत किए नियमों के पालन की मांग की है।
वहीं, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस कार्रवाई का बचाव करते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार केवल अदालती आदेशों का पालन कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्यभर में कुल 5,299 लाउडस्पीकर उतारे गए हैं, जिनमें लगभग 4,203 मस्जिदें और 1,096 मंदिर शामिल हैं।
प्रशासन का दावा है कि यह पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से और सहयोग के साथ की गई है, जबकि विपक्षी दल इसे राजनीतिक बदले की भावना करार दे रहे हैं।