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    आजादी के 80वें साल में बंगाल में नया प्रयोग, स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रेडियो पर बोलेंगे सीएम शुभेंदु

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 10:34 PM (IST)

    मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आकाशवाणी कोलकाता से प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे, जो बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद ...और पढ़ें

    स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रेडियो पर बोलेंगे सीएम शुभेंदु। (एएनआई)

    स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रेडियो पर बोलेंगे सीएम शुभेंदु। (एएनआई)

    HighLights

    1. CM शुभेंदु अधिकारी स्वतंत्रता दिवस पूर्व संध्या पर रेडियो से करेंगे संबोधित।

    2. सत्ता परिवर्तन के बाद बंगाल में यह पहला ऐसा संबोधन होगा।

    3. राज्य 'हर घर तिरंगा' अभियान में पहली बार ले रहा हिस्सा।

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह का रंग बदला-बदला नजर आएगा। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी आकाशवाणी कोलकाता से प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे।

    मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने रेडियो संदेश की पुष्टि की है। प्रोटोकाल के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद मुख्यमंत्री का संदेश प्रसारित किए जाने की संभावना है। हालांकि, प्रसार भारती या आकाशवाणी ने अभी इसके समय और प्रसारण बैंड की आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

    राज्य सरकार के अनुसार, 80वें स्वतंत्रता दिवस को यादगार बनाने के लिए कई नए कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा, घर घर तिरंगा’ अभियान में बंगाल पहली बार शामिल हुआ है।पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार ने इस केंद्रीय अभियान में राज्य की भागीदारी नहीं की थी।

    स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री का रेडियो संबोधन बंगाल की राजनीति में खासा असाधारण माना जा रहा है। ज्योति बसु, बुद्धदेव भट्टाचार्य और ममता बनर्जी के मुख्यमंत्रित्व काल में इस अवसर पर ऐसा संबोधन नहीं हुआ। हालांकि सिद्धार्थशंकर राय और प्रफुल्लचंद्र सेन समेत कई मुख्यमंत्रियों के विभिन्न मुद्दों पर रेडियो संदेश देने के उदाहरण मिलते हैं।

    नई सरकार लगातार बंगाल की परंपरा और विरासत को विकास के साथ जोड़ने की बात कहती रही है। इसी क्रम में इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह को भी नया स्वरूप देने की कोशिश दिख रही है। रेड रोड पर होने वाले मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री शामिल होंगे।

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    हालांकि विपक्ष इसे महज सरकारी कार्यक्रम नहीं मान रहा। उसका आरोप है कि स्वतंत्रता आंदोलन और बंगाल के इतिहास की राजनीतिक व्याख्या बदलने की कोशिश हो रही है। श्यामाप्रसाद मुखर्जी को ‘बंगाल का वास्तुकार’ बताने को लेकर जारी विवाद के बीच मुख्यमंत्री के रेडियो संबोधन पर भी राजनीतिक बहस तेज होने के आसार है।