बंगाल भाजपा में बड़े संगठनात्मक फेरबदल की तैयारी, 12 से अधिक जिलों में बदलाव के संकेत
बंगाल भाजपा सरकार बनने के तीन महीने के भीतर ही संगठन में बड़े फेरबदल की तैयारी कर रही है, जिसमें भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता पर कड़ा रुख अपनाया गया है। ...और पढ़ें

बंगाल भाजपा में बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी
HighLights
बंगाल भाजपा में बड़े संगठनात्मक फेरबदल की तैयारी।
भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता पर कड़ा रुख अपनाया गया।
12 से अधिक जिलों में बदलाव के संकेत।
राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता : बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के तीन महीने के भीतर ही पार्टी संगठन में बड़े फेरबदल की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने संगठन के भीतर भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक दर्जन से अधिक सांगठनिक जिलों में बदलाव के संकेत दिए हैं।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य पहले ही भ्रष्टाचार के मामलों में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं। इसके बाद 22 लोगों को पार्टी से निलंबित किया जा चुका है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कई जिलों में भाजपा का संगठन अभी अपेक्षाकृत कमजोर है।
वहीं, कुछ जिलों में चुनाव के बाद पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता की शिकायतें भी नेतृत्व तक पहुंची हैं। जबरन वसूली और आर्थिक लेनदेन से जुड़ी शिकायतों को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। इसके बाद प्रदेश नेतृत्व ने ऐसे जिलों की पहचान शुरू कर दी है, जहां संगठन में बदलाव की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
पार्टी की आंतरिक बैठकों में वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव परिणामों का भी विश्लेषण किया गया है। पार्टी नेतृत्व के आकलन में सामने आया है कि जिन क्षेत्रों में आपसी विवाद और अनुशासनहीनता की समस्या अधिक थी, वहां भाजपा का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। ऐसे कुछ क्षेत्रों में तृणमूल कांग्रेस के प्रभाव को भी कमजोर बताया जा रहा है।
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पार्टी को ऐसी शिकायतें मिली हैं कि कुछ भाजपा कार्यकर्ता या नेता स्थानीय तृणमूल के एक वर्ग के साथ मिलकर आर्थिक लेनदेन में शामिल हो रहे हैं।
250 से अधिक को कारण बताओ नोटिस
प्रदेश नेतृत्व का स्पष्ट संदेश है कि पार्टी में भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। इसी नीति के तहत अब सांगठनिक स्तर पर भी कार्रवाई की तैयारी है। सूत्रों के अनुसार, 12 से अधिक सांगठनिक जिलों में अध्यक्ष समेत संगठन के स्तर पर बदलाव हो सकता है।
पार्टी की अनुशासन समिति पहले ही करीब 250 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी कर चुकी है। वहीं, 22 लोगों को निलंबित किया गया है। विधानसभा चुनाव के बाद संगठन को मजबूत करने और सरकार तथा पार्टी के बीच समन्वय बेहतर बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
ऐसे में प्रस्तावित सांगठनिक फेरबदल को प्रदेश भाजपा के भीतर अनुशासन और संगठनात्मक नियंत्रण मजबूत करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।