सनातन धर्म में गुरु प्रदोष व्रत का विशेष महत्व होता है। यह दिन शिव जी के लिए समर्पित होता है। आइए जानते हैं कि इस दिन इन मंत्रों का जाप करना चाहिए?
सावन माह का पहला गुरु प्रदोष व्रत 01 अगस्त 2024 को है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। इससे शुभ फल की प्राप्ति होती है।
पंचांग के अनुसार, सावन में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 01 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 28 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 02 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 26 मिनट पर होगा।
जीवन में आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए मंत्र का जाप करना चाहिए। कई मंत्र ऐसे होते हैं, जिसका जाप करने से शिव जी प्रसन्न होते हैं।
गुरु प्रदोष पर ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे शिव जी की कृपा बनी रहती है।
कार्य शुरू करने से पहले ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते मंत्र का जाप करें। इससे सफलता मिलने लगती है।
परेशानी का सामना कर हे लोगों को गुरु प्रदोष व्रत पर ऊँ क्लीं क्लीं क्लीं वृषभारूढाय वामांगे गौरी कृताय क्लीं क्लीं क्लीं ऊँ नमः शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए।
प्रदोष व्रत पर शाम के समय शिव मंदिर में सूखा नारियल चढ़ाएं। इस उपाय को करने से स्वास्थ्य बेहतर रहता है और रोगों से छुटकारा मिलता है।
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