गुरु प्रदोष व्रत पर करें इन मंत्रों का जाप, जीवन में होंगे सफल


By Ashish Mishra31, Jul 2024 12:45 PMjagran.com

गुरु प्रदोष व्रत

सनातन धर्म में गुरु प्रदोष व्रत का विशेष महत्व होता है। यह दिन शिव जी के लिए समर्पित होता है। आइए जानते हैं कि इस दिन इन मंत्रों का जाप करना चाहिए?

गुरु प्रदोष व्रत कब है?

सावन माह का पहला गुरु प्रदोष व्रत 01 अगस्त 2024 को है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। इससे शुभ फल की प्राप्ति होती है।

गुरु प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, सावन में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 01 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 28 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 02 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 26 मिनट पर होगा।

मंत्र का जाप करना

जीवन में आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए मंत्र का जाप करना चाहिए। कई मंत्र ऐसे होते हैं, जिसका जाप करने से शिव जी प्रसन्न होते हैं।

महामृत्युंजय मंत्र का जाप

गुरु प्रदोष पर ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे शिव जी की कृपा बनी रहती है।

कार्य में सफलता के लिए मंत्र

कार्य शुरू करने से पहले ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते मंत्र का जाप करें। इससे सफलता मिलने लगती है।

परेशानियों से छुटकारा के लिए मंत्र

परेशानी का सामना कर हे लोगों को गुरु प्रदोष व्रत पर ऊँ क्लीं क्लीं क्लीं वृषभारूढाय वामांगे गौरी कृताय क्लीं क्लीं क्लीं ऊँ नमः शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए।

शिव मंदिर में नारियल चढ़ाएं

प्रदोष व्रत पर शाम के समय शिव मंदिर में सूखा नारियल चढ़ाएं। इस उपाय को करने से स्वास्थ्य बेहतर रहता है और रोगों से छुटकारा मिलता है।

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