सुखवंत आत्महत्या: तो क्या नैनीताल पुलिस के असहयोग से जांच SIT को मिली? इस बात की चर्चा जोरों पर
सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले की जांच अब चंपावत पुलिस की पांच सदस्यीय एसआईटी को सौंप दी गई है। यह निर्णय नैनीताल पुलिस द्वारा कथित असहयोग के बाद लिया गय ...और पढ़ें

HighLights
नैनीताल पुलिस के असहयोग पर जांच SIT को सौंपी गई
सुखवंत सिंह ने हल्द्वानी के होटल में गोली मारकर आत्महत्या की
26 लोगों पर प्राथमिकी, अब चंपावत SIT करेगी विवेचना
जागरण संवाददाता, रुद्रपुर। हल्द्वानी काठगोदाम में हुई सुखवंत आत्महत्या में आईटीआई में 26 लोगों पर पंजीकृत प्राथमिकी की विवेचना में नैनीताल पुलिस के सहयोग न मिलने की चर्चाएं चल रही है। माना जा रहा है कि इसी के चलते पुलिस मुख्यालय के आदेश के बाद आइटीआइ थाने और काठगोदाम थाने में पंजीकृत दोनों विवेचना आइजी की अध्यक्षता में गठित चंपावत पुलिस की पांच सदस्यीय एसआइटी को सौंपी गई है।
पैगा निवासी सुखवंत सिंह ने हल्द्वानी काठगोदाम के एक होटल में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में उसकी वायरल वीडियो के आधार पर ऊधम सिंह नगर पुलिस ने आइटीआइ थाने में 26 लोगों पर प्राथमिकी पंजीकृत की थी।
साथ ही इसकी जांच एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने एसपी क्राइम निहारिका तोमर की अगुवाई में गठित आठ सदस्यीय एसआइटी को सौंप दी थी। जबकि आत्महत्या वाले मामले में अज्ञात पर काठगोदाम थाना पुलिस ने आर्म्स एक्ट की भी प्राथमिकी पंजीकृत की थी। जिसकी विवेचना भी शुरू हो गई थी।
जिले भर में चर्चा है कि आइटीआइ थाने में पंजीकृत प्राथमिकी से जुड़े मृतक के मोबाइल समेत अन्य साक्ष्य जब टीम ने नैनीताल पुलिस से मांगा तो कोई सहयोग नहीं किया गया। इसकी जानकारी जब पुलिस मुख्यालय तक पहुंची तो डीजीपी के आदेश के बाद गुरुवार को आइजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे की अध्यक्षता में चंपावत पुलिस की पांच सदस्यीय एसआइटी टीम को सौंप दी गई।