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    आयुर्वेद जगत ने खोया अपना रत्न, पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश का निधन; उत्तराखंड के खास कनेक्शन

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 01:36 PM (GMT+05:30)

    पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश का 78 वर्ष की आयु में निधन हो गया, जिन्होंने आयुर्वेद के क्षेत्र में देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई थी। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश का 78 वर्ष की आयु में निधन

    2. आयुर्वेद में रसशास्त्र विशेषज्ञ, कैंसर जैसे रोगों का किया उपचार

    3. गदरपुर के गौरव, 1999 में मिला था पद्मश्री सम्मान

    वैद्य बालेंदु प्रकाश को 1999 में मिला था पद्मश्री सम्मान
    -- पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश के निधन से आयुर्वेद जगत में शोक
    -- गदरपुर की धरती के इस लाल ने देश-दुनिया में बनाई अलग पहचान

    संवाद सहयोगी, गदरपुर । आयुर्वेद के क्षेत्र में देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाले पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश का 78 वर्ष की आयु में निधन हो गया। रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही आयुर्वेद जगत के साथ ही गदरपुर और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

    आयुर्वेदाचार्य एवं शोधकर्ता वैद्य बालेंदु प्रकाश रसशास्त्र चिकित्सा पद्धति के विशेषज्ञ के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने जटिल रोगों, विशेष रूप से कैंसर और क्रानिक पैंक्रियाटाइटिस के उपचार एवं शोध के क्षेत्र में लंबे समय तक कार्य किया। आयुर्वेद को वैज्ञानिक और शोध आधारित चिकित्सा पद्धति के रूप में आगे बढ़ाने के लिए भी उन्होंने लगातार प्रयास किए।

    पद्मश्री से सम्मानित

    चिकित्सा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 1999 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। वह राष्ट्रपति के मानद चिकित्सक के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। उनकी चिकित्सा पद्धति और शोध कार्यों ने आयुर्वेद को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


    वैद्य बालेंदु प्रकाश के निधन की खबर सामने आते ही उनके शिष्यों, सहकर्मियों, प्रशंसकों और आयुर्वेद चिकित्सा से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया। उनके निधन को आयुर्वेद जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया गया। गदरपुर से जुड़ी उनकी उपलब्धियों को याद करते हुए स्थानीय लोगों ने कहा कि उन्होंने अपनी प्रतिभा और कार्यों से क्षेत्र का नाम देशभर में रोशन किया।

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    गदरपुर का गौरव थे वैद्य बालेंदु प्रकाश

    गदरपुर : गदरपुर से निकलकर आयुर्वेद के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान बनाने वाले वैद्य बालेंदु प्रकाश का सफर उपलब्धियों से भरा रहा। पद्मश्री सम्मान से लेकर राष्ट्रपति के मानद चिकित्सक तक की उनकी यात्रा ने क्षेत्र को गौरवान्वित किया। उनके निधन से गदरपुर ने चिकित्सा क्षेत्र में अपनी एक बड़ी पहचान खो दी। ग्राम रतनपुरा में वैद्य बालेंदु प्रकाश द्वारा स्थापित अस्पताल आयुर्वेद चिकित्सा का प्रमुख केंद्र बना। यहां उपचार के लिए देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों से भी मरीज पहुंचते थे। \

    जटिल रोगों के उपचार को लेकर अस्पताल की अलग पहचान बनी और लंबे समय तक यह क्षेत्र के लिए गौरव का विषय रहा। ग्राम रतनपुरा में वैद्य बालेंदु प्रकाश द्वारा स्थापित अस्पताल कभी देश-विदेश से आने वाले मरीजों की उम्मीद का केंद्र हुआ करता था। आयुर्वेदिक उपचार और शोध के लिए पहचान बनाने वाले इस केंद्र से उनके निधन के बाद उनकी चिकित्सा यात्रा की यादें भी जुड़ गई हैं।

    आयुर्वेद को शोध से जोड़ने में रहा अहम योगदान

    वैद्य बालेंदु प्रकाश ने पारंपरिक आयुर्वेदिक चिकित्सा को शोध और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया। जटिल रोगों के उपचार और आयुर्वेद की विभिन्न पद्धतियों पर उनका लंबे समय तक शोध कार्य रहा। यही कारण है कि आयुर्वेद जगत में उन्हें एक चिकित्सक के साथ-साथ गंभीर शोधकर्ता के रूप में भी याद किया जाएगा

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