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उत्तराखंड के खटीमा में सजे जनजातीय संस्कृति के रंग, पहली बार आदि रंगोत्सव... मिलेगी राष्ट्रीय पहचान

Published: Sun, 04 Oct 2026 09:43 AM (GMT+05:30)Updated: Sun, 04 Oct 2026 08:48 PM (GMT+05:30)

खटीमा में 4 से 6 अक्टूबर तक आदि रंगोत्सव का भव्य आयोजन हो रहा है, जिसमें देशभर के जनजातीय सांस्कृतिक दल अपनी कला और परंपराओं का प्रदर्शन करेंगे।

HighLights

  1. खटीमा में 4 से 6 अक्टूबर तक आदि रंगोत्सव का आयोजन

  2. देशभर के जनजातीय दल अपनी कला-संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे

  3. थारू समुदाय को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान, हस्तशिल्प प्रदर्शनी भी

जागरण संवाददाता, खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि आदि रंगोत्सव केवल रंग, नृत्य और संगीत का महोत्सव नहीं, बल्कि जनजातीय गौरव का उत्सव है। जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराओं और पहचान को सम्मान देते हुए राज्य सरकार उनके सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि खटीमा मिनी भारत है और इसे बसाने तथा विकसित करने में थारू समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। रविवार को खटीमा में तीन दिवसीय आदि रंगोत्सव के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पांच प्रमुख जनजातियां हैं और उनकी अपनी विशिष्ट संस्कृति एवं परंपराएं हैं।

जनजातीय समाज की इस विरासत को संरक्षित करने के साथ नई पीढ़ी को बेहतर शिक्षा और अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने खटीमा के एकलव्य माडल आवासीय विद्यालय के विस्तार और सुविधाओं के विकास पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा कर रंगोत्सव में बड़ी सौगात दी।

रंगोत्सव में पारंपरिक परिधानों में सजे जनजातीय कलाकारों ने लोकनृत्य और लोकसंगीत की प्रस्तुतियों से देश की सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर जीवंत कर दिया। मुख्यमंत्री धामी भी इस रंग में रंगे नजर आए। उन्होंने कलाकारों के साथ कदम मिलाए और स्वयं ढोल बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि रंगोत्सव महज एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपराओं और जनजातीय समाज के गौरव का उत्सव है। खटीमा में हर प्रकार की विविधता और सांस्कृतिक रंग देखने को मिलते हैं।

यह अपने आप में मिनी इंडिया है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम को पौधा एवं महाराणा प्रताप की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया। हनुमान अंश फिल्म के कलाकारों को भी पौधा, हनुमान जी की गदा और नीम करौली बाबा की तस्वीर भेंट कर शुभकामनाएं दीं।

पिथौरागढ़ में भी मांगा एकलव्य विद्यालय

मुख्यमंत्री ने खटीमा के एकलव्य विद्यालय के आधुनिकीकरण के लिए 10 करोड़ रुपये की घोषणा पर केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम का आभार जताया। साथ ही जुएल ओराम और किरेन रिजिजू से पिथौरागढ़ क्षेत्र में भी आवासीय एकलव्य विद्यालय स्थापित करने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं से जोड़कर सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है।

शिक्षा से रोजगार तक जनजातीय समाज पर फोकसमुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और आइटीआइ संस्थानों के विकास के लिए करोड़ों रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। बाजपुर में 100 बेड का बालक छात्रावास बनाया जा रहा है।

बालिका छात्रावास के लिए चार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। थारू राजकीय इंटर कालेज का भी सुंदरीकरण और आधुनिकीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से जनजातीय समाज को रोजगार एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के साथ उनके उत्पादों को बाजार से जोड़ा जा रहा है।

रिवाल्विंग फंड एवं निवेश सहायता देकर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत वर्ष 2020 से 2025 तक 10 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं धरातल पर उतारी जा चुकी हैं। सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि योजनाओं को धरातल पर उतारकर उनका प्रभावी क्रियान्वयन भी सुनिश्चित करती है।

मुख्यमंत्री ने खटीमा के अंजनिया निवासी बीएसएफ जवान मोहन सिंह राणा और चारूबेटा की टीला सेन को माउंट एवरेस्ट फतह करने पर बधाई देते हुए कहा कि दोनों ने थारू समाज के साथ पूरे उत्तराखंड का मान बढ़ाया है।

480 विद्यार्थियों को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा : ओराम

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 1999 में जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से अलग जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया था। केंद्र सरकार थारू, बोक्सा और जौनसारी समेत सभी जनजातीय समुदायों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के सहयोग से खटीमा में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय स्थापित हुआ। अब इसके विस्तार और सुविधाओं के विकास पर भारत सरकार करीब 10 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसमें करीब चार करोड़ रुपये से बनने वाले छात्रावास की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।

विद्यालय में 240 बालक और 240 बालिकाओं समेत कुल 480 विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। उन्होंने विद्यालय के शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम की भी सराहना की। ओराम ने बताया कि केंद्र सरकार पीएम-जनमन योजना के तहत 24 हजार करोड़ रुपये, धरती आबा अभियान के लिए 89 हजार करोड़ और एकलव्य विद्यालयों के लिए 25 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। उन्होंने क्षेत्र की जनजातीय समस्याओं के प्राथमिकता से समाधान का भरोसा दिलाया।

जनजातीय पहचान को मिला नया आयाम : रिजिजू

केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि उत्तराखंड में थारू, बोक्सा, जौनसारी और राजी समेत विभिन्न जनजातियां निवास करती हैं। इनकी संस्कृति और परंपराएं उत्तराखंड को विशिष्ट बनाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद जनजातीय समाज के कल्याण और उसकी पहचान को नया आयाम मिला है।

स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के योगदान को सम्मान देते हुए भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने की शुरुआत की गई। रिजिजू ने मुख्यमंत्री धामी की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, सुरंग दुर्घटनाओं और भूस्खलन जैसी विषम परिस्थितियों में उन्होंने चुनौतियों का कुशलतापूर्वक सामना किया है। उन्होंने जनजातीय समाज से अपनी संस्कृति, पहचान और परंपराओं को सहेजने तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

कई राज्यों की संस्कृति से गुलजार हुआ मंच

उत्तराखंड आदि रंगोत्सव में राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, मिजोरम और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। लोकनृत्य, लोकसंगीत और रंग-बिरंगी वेशभूषा ने रंगोत्सव को देश की जनजातीय संस्कृति के संगम में बदल दिया।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, प्रदीप बत्रा, खजान दास, राम सिंह केड़ा, भरत सिंह चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष मुकेश कुमार, विधायक सरिता आर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, ब्लाक प्रमुख सरिता राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, डीएम नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति समेत जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

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