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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूपी के CM Yogi की उत्तराखंड यात्रा संपन्न, बाबा केदार के दर्शन कर की विश्व में समृद्धि व जनकल्याण की कामना

By Jagran NewsEdited By: riya.pandey
Updated: Mon, 09 Oct 2023 08:22 AM (IST)

CM Yogi Adityanath Uttarakhand Visit उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने रविवार को बाबा केदार के दर्शन कर विश्व में सुख ...और पढ़ें

CM Yogi Adityanath Uttarakhand Visit: यूपी के CM Yogi की उत्तराखंड यात्रा संपन्न
CM Yogi Adityanath Uttarakhand Visit: यूपी के CM Yogi की उत्तराखंड यात्रा संपन्न

HighLights

  1. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उत्तराखंड यात्रा हुई संपन्न
  2. बाबा केदार के दर्शन कर की विश्व में समृद्धि व जनकल्याण की कामना
  3. बदरी-केदार के भव्य हो रहे स्वरूप में दृष्टि के साथ दूरदर्शिता भी : योगी

संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग। CM Yogi Adityanath Uttarakhand Visit: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने रविवार को बाबा केदार के दर्शन कर विश्व में सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। वह रुद्राभिषेक पूजा में भी शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के दृढ़ संकल्प और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देशन में बदरी-केदार धाम का स्वरूप भव्य होता जा रहा है। इसमें दृष्टि भी है और दूरदर्शिता भी। इससे पूर्व, योगी ने सुबह बदरीनाथ धाम में पूजा-अर्चना की।

शनिवार को बदरीनाथ धाम में शयन आरती में शामिल हुए थे योगी 

योगी शनिवार को बदरीनाथ धाम पहुंचकर शयन आरती में शामिल हुए थे। साथ ही उन्होंने माणा पास स्थित आइटीबीपी की घसतोली चौकी का दौरा कर आइटीबीपी, सेना व बीआरओ के जवान व अधिकारियों का उत्साहवर्द्धन भी किया था।

बीकेटीसी अध्यक्ष ने योगी का किया भव्य स्वागत

रविवार सुबह केदारनाथ हेलीपैड पहुंचने पर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय और तीर्थ पुरोहितों ने योगी आदित्यनाथ का भव्य स्वागत किया। इसके बाद योगी मंदिर समिति के हट में मुख्य पुजारी शिव लिंग से मिले और फिर मंदिर में दर्शन को पहुंचे। करीब पौन घंटे चली पूजा के दौरान योगी ने बाबा का रुद्राभिषेक किया और फिर मंदिर के बाहर नंदी की पूजा कर उन्हें शाल अर्पित किया।

प्रधानमंत्री के निर्देशन में केदारनाथ का हो रहा कायाकल्प

उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में आई त्रासदी के कारण केदारनाथ धाम में हुई तबाही से सभी प्रभावित हुए। अब प्रधानमंत्री के निर्देशन में धाम का कायाकल्प हो रहा है। पर्यटन और आस्था को दृष्टिगत रखते हुए यहां जो कार्य हो रहे हैं, उनमें नए भारत की तस्वीर साफ झलकती है। कहा कि हमारे तीर्थ स्थल राष्ट्रीय एकात्मता का प्रतीक हैं।

इस दौरान एडीएम बीर सिंह बुदियाल, मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी योगेंद्र सिंह, कार्यकारी अधिकारी आरसी तिवारी, सीओ विमल रावत आदि मौजूद मौजूद रहे।

केदारनाथ में योगी ने श्रद्धालुओं के साथ ली सेल्फी

इससे पूर्व, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बेस कैंप से मंदिर तक एक किमी की दूरी पैदल ही तय की। सुरक्षा कर्मियों को उनके साथ काफी तेज चलना पड़ा। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ सेल्फी भी ली। जिस भी श्रद्धालु ने सेल्फी लेने की इच्छा जताई, वह सहज भाव से तैयार हो गए। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ हर-हर महादेव और जय श्रीराम का जयघोष भी किया, इससे श्रद्धालुओं का उत्साह दोगुना हो गया।

नए भारत की तस्वीर प्रस्तुत कर रही केदारपुरी

केदारनाथ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की विजिटर बुक पर भी अपने विचार लिखे। उन्होंने लिखा- ‘श्री केदारपुरी में देवाधिदेव महादेव श्रीश्री केदारनाथ मंदिर में दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। दस वर्ष पूर्व आई त्रासदी को कई पीछे छोड़ते हुए आज केदारपुरी एक नई आभा के साथ नए भारत की तस्वीर प्रस्तुत कर रही है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में नवनिर्माण का कार्य समयबद्ध ढंग से जनआस्था का प्रतीक बन रहा है। मेरी मंगलमय शुभकामनाएं। भगवान केदारनाथ जी की कृपा सदैव बनी रहे। हर-हर महादेव।’

ब्रह्मकपाल तीर्थ में किया पिंडदान-तर्पण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुबह बदरीनाथ धाम स्थित ब्रह्मकपाल तीर्थ पहुंचकर वहां अपने गुरु का पिंडदान व तर्पण किया। इस दौरान उन्होंने तीर्थ यात्रियों का अभिनंदन स्वीकारने के साथ उन्हें यात्रा की शुभकामनाएं भी दीं। बामणी व माणा गांव के निवासियों ने भी योगी का भव्य स्वागत किया और उन्हें उपहार स्वरूप स्थानीय उत्पाद भेंट किए। इस मौके पर मंदिर समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार, बदरीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल आदि मौजूद रहे।

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