उत्तराखंड में भारी वर्षा से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कैलास मानसरोवर यात्रा पर पड़ा असर
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है, पिथौरागढ़ में 19 सड़कें बंद हो गई हैं ...और पढ़ें

मलघटिया में बंद कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग। जागरण
HighLights
पिथौरागढ़ में रातभर की बारिश से 19 सड़कें बंद।
तवाघाट-गुंजी-लिपुलेख मार्ग बाधित, व्यास घाटी का संपर्क कटा।
कैलाश मानसरोवर यात्रा का अंतिम दल लिपु दर्रा पार करेगा।
डिजिटल डेस्क, जागरण, पिथौरागढ़। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही वर्षा से जनजीवन प्रभावित हुआ है। पिथौरागढ़ में सीमांत तहसीलों में रातभर हुई बारिश के कारण 19 सड़कें बंद हो गई हैं।
तवाघाट-गुंजी-लिपुलेख मार्ग मलघटिया में मलबा आने से बाधित हो गया है, जिससे व्यास घाटी का चीन सीमा से संपर्क कट गया है। हालांकि, कैलास मानसरोवर यात्रा का अंतिम (10वां) दल सुबह 9 बजे लिपु दर्रा पार कर भारत में प्रवेश करेगा, जिसे धारचूला आधार शिविर पहुंचना है।
उधर, बागेश्वर में भी बादल छाए हुए हैं और हिमालयी गांवों में बारिश से सरयू नदी का जलस्तर बढ़ गया है। मलबा गिरने से जिले की 8 सड़कें बंद हैं। यहां अधिकतम तापमान 29 तथा न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, नैनीताल में मौसम में कुछ सुधार देखा गया है। हल्के बादलों के बीच प्राकृतिक स्रोतों के रिचार्ज होने से झील से पानी की निकासी जारी है।
