विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पिथौरागढ़ के उच्च हिमालय में बर्फीला तूफान थमा, टला खतरा

By BhanuEdited By:
Updated: Thu, 23 Mar 2017 03:35 AM (IST)

भारत-चीन सीमा से लगे क्षेत्र में सोमवार को आए बर्फीला तूफान थम गया। इससे लोगों ने राहत की सांस ली। तूफान थमने के बाद आइटीबीपी के आइजी ने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया।

पिथौरागढ़ के उच्च हिमालय में बर्फीला तूफान थमा, टला खतरा
पिथौरागढ़ के उच्च हिमालय में बर्फीला तूफान थमा, टला खतरा

पिथौरागढ़, [जेएनएन]: भारत-चीन सीमा से लगे क्षेत्र में सोमवार को आए बर्फीला तूफान के थमने से लोगों ने राहत महसूस की। आइटीबीपी के आइजी पुनीत रस्तोगी ने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। 

इस इलाके में दस घंटे से अधिक समय तक आइटीबीपी के जवानों ने बर्फीले तूफान का सामना किया। जवानों व उनके कैंप को कोई नुकसान नहीं हुआ है। तूफान थमने से जवानों के साथ ही प्रभावित क्षेत्र के ठीक नीचे बसी आबादी ने भी राहत की सांस ली है। 

पिछले कुछ दिनों से उच्च हिमालय क्षेत्र में भारी बर्फबारी के बाद सोमवार तड़के बर्फीला तूफान शुरू हो गया था। इस इलाके में शीतकाल में ग्रामीण नहीं रहते। सिर्फ आइटीबीपी के जवान तैनात रहते हैं। मुनस्यारी के पंचाचूली, मिलम, राजरंभा, रालम क्षेत्र में बर्फीले तूफान का खासा असर रहा। 

आइटीबीपी के आइजी लखनऊ पुनीत रस्तोगी , डीआइजी बरेली देवेंद्र सिंह ने हेलीकॉप्टर से उच्च हिमालय क्षेत्र और भारत चीन सीमा का निरीक्षण किया। इसके बाद आइजी ने कुछ जवानों से संपर्क साध कर वहां का हाल जाना। 

उन्होंने बताया कि उच्च हिमालय इस समय बर्फ से लकदक है। मिलम से लिपूलेक तक तथा जोहार, दारमा और व्यास घाटी कई फीट बर्फ से ढकी है। ऐसे में फिर से बर्फीले तूफान की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। जवानों को सतर्क रहने को कहा गया है।

यह भी पढ़ें: पिथौरागढ़ की पहाड़ियों में बर्फीले तूफान से छाई धुंध, जनजीवन सुरक्षित

यह भी पढ़ें: पिथौरागढ़ में एक नेपाली मजदूर की बर्फ में दबने से मौत