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    सिक्किम में बलिदान जवान का पार्थिव शरीर पहुंचा उत्तराखंड, लगे 'भारत माता की जय के नारे'

    Updated: Fri, 03 Apr 2026 12:18 PM (IST)

    सिक्किम में हिमस्खलन में बलिदान हुए पिथौरागढ़ के जवान का पार्थिव शरीर शुक्रवार को उनके गनकोट गांव पहुंचा। 27 वर्षीय बलिदानी की शहादत पर पूरा माहौल गमगी ...और पढ़ें

    HighLights

    1. सिक्किम हिमस्खलन में बलिदान जवान का पार्थिव शरीर घर पहुंचा

    2. पिथौरागढ़ के गनकोट गांव में शोक का माहौल, परिवार व्याकुल

    3. शहीद के अंतिम दर्शन को उमड़ी भारी भीड़, अंतिम संस्कार होगा

    जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़। सिक्किम में बलिदान जवान का पार्थिव शरीर घर पहुंचा। बलिदानी के घर पर लोगों की भारी भीड़ जुटी जिला मुख्यालय के निकटवर्ती गनकोट गांव निवासी  27 वर्ष की बीते दिनों सिक्किम में हिमसखलन की चपेट में आने से मृत्यु हो गईं थी।

    जवान का पार्थिव शरीर शुक्रवार सुबह दस बजे के आसपास गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरा वातावरण गमगीन को गया।

    बलिदानी के घर पर भारी संख्या में लोग जुटे। बलिदानी जवान की अंतिम यात्रा निकली गई। इस दौरान भारत माता की जय के नारे लगाए गए। उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

    सिक्किम में बलिदान हुए विकास कुमार को दी श्रद्धांजलि

    पिथौरागढ़ : सिक्किम में कर्तव्य पालन के दौरान बलिदान हुए विकास कुमार को जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

    भारतीय सेना के 19 कुमाऊं रेजिमेंट में तैनात विकास कुमार , देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। उनकी तैनाती सिक्किम में थी। इस बहादुर सिपाही की शहादत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। उनके पैतृक गांव गणकोट (सुकौली) में मातम का माहौल है। स्वजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हैं, वहीं उनके हृदय में गर्व भी है कि उनका बेटा देश की रक्षा करते हुए शहीद हुआ।

    जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने कहा कि बलिदानी विकास कुमार का बलिदान देश की सेवा और सुरक्षा के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का प्रतीक है। उनका यह सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा तथा आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति के लिए प्रेरित करता रहेगा।

    उन्होंने शोक संतप्त स्वजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुःख की घड़ी में पूरा प्रशासन उनके साथ खड़ा है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा स्वजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें। बलिदानी विकास कुमार अपने पीछे माता-पिता, पत्नी, भाई तथा एक 8 माह के शिशु को छोड़ गए हैं।

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    महापौर कल्पना देवलाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विरेंद्र सिंह बोहरा उपजिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा सहित अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी बलिदानी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके बलिदान को नमन किया।

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